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Uttar Pradesh Toll Rates 2026: उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल यानी कल से राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना और भी महंगा होने वाला है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और उससे जुड़ी एजेंसियों ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से टोल दरों में औसतन पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की है.
इस बढ़ोतरी का सबसे ज़्यादा असर गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा. हल्के मोटर वाहनों से लेकर भारी कमर्शियल वाहनों तक सभी तरह के वाहनों के लिए टोल दरें बढ़ा दी गई हैं. कई टोल प्लाज़ा पर, इससे प्रति यात्रा ₹5 से ₹30 तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है.
बुधवार से लागू होने वाली टोल दरें
- कारों, जीपों और वैन के लिए: एक तरफ़ की यात्रा के लिए ₹120 और 24 घंटे के भीतर पूरी की गई वापसी यात्रा के लिए ₹180 का शुल्क लिया जाएगा.
- हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए: एक तरफ़ की यात्रा के लिए ₹195 और उसी दिन पूरी की गई वापसी यात्रा के लिए ₹295 का शुल्क लिया जाएगा.
- बसों या ट्रकों के लिए: एक तरफ़ की यात्रा के लिए ₹410 और 24 घंटे के भीतर पूरी की गई वापसी यात्रा के लिए ₹615 का शुल्क लिया जाएगा.
- तीन-एक्सल वाले कमर्शियल वाहनों के लिए: एक तरफ़ की यात्रा के लिए ₹445 और वापसी यात्रा के लिए ₹670 का शुल्क लिया जाएगा.
- सात या उससे ज़्यादा एक्सल वाले वाहनों के लिए: एक तरफ की यात्रा के लिए ₹785 और उसी दिन पूरी की गई वापसी यात्रा के लिए ₹1,175 का शुल्क लिया जाएगा.
NHAI की सालाना समीक्षा प्रक्रिया के तहत लागू
यह बढ़ोतरी NHAI की सालाना समीक्षा प्रक्रिया के तहत लागू की जा रही है. सड़क रखरखाव की ज़रूरतों, निर्माण लागत और महंगाई को ध्यान में रखते हुए हर साल टोल दरों में बदलाव किया जाता है. ये नई दरें उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों पर लागू होंगी, जिनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य शामिल हैं.