उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टर के लिए एक बड़ा एलान किया है. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में एलान किया कि शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टर को हर महीने ₹18,000 और इंस्ट्रक्टर को हर महीने ₹17,000 मिलेंगे. उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्र और इंस्ट्रक्टर लंबे समय से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब सीएम योगी ने उन्हें एक बड़ा तोहफा दिया है. सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टर के हित में यह कदम उठाया है. पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में उन्हें सिर्फ ₹3,000 मिलते थे. हमारी सरकार ने 2017 में इसे बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया. अब महंगाई को देखते हुए ₹8,000 बढ़ा दिए गए हैं. टीचरों को पांच लाख रुपये का कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाएगा.
150,000 शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत
शिक्षामित्र और अनुदेशकों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में की बड़ी घोषणा..
सीएम योगी ने कहा, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को आप 3,000 रुपये देते थे, हमने 10,000 किए हैं..
अब अप्रैल से उन्हें 18,000 रुपए मिलेंगे..
अनुदेशक 17000 रुपये पाएगा..#vidhansabha #UPVidhansabha… pic.twitter.com/csMW8gROjT— Vivek K. Tripathi (@meevkt) February 20, 2026
राज्य सरकार के इस ऐलान से राज्य के 150,000 से ज़्यादा शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत मिली है. ये सभी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं. माना जा रहा है कि राज्य सरकार का यह ऐलान आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए किया गया है. सरकार के इस ऐलान से उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों की सैलरी 80% बढ़ गई है.
9 साल बाद शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ा
उत्तर प्रदेश में 1.42 लाख शिक्षा मित्र और 28,000 से ज़्यादा इंस्ट्रक्टर हैं. शिक्षा मित्रों को सिर्फ़ 11 महीने की सैलरी मिलती है. 2014-15 में समाजवादी पार्टी (SP) ने शिक्षा मित्रों को परमानेंट किया था. हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनका एडजस्टमेंट कैंसिल कर दिया गया था. BJP सरकार ने जुलाई 2017 में मानदेय 10,000 रुपये तय किया था. पहले उन्हें 3,000 रुपये हर महीने मिलते थे. अब शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी होगा.
यूनिवर्सिटीज़ ने 5,000 से ज़्यादा पेटेंट फाइल किए हैं
CM योगी ने कहा कि यूनिवर्सिटीज़ ने 5,000 से ज़्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा को मंज़ूरी मिल चुकी है. 2017 से पहले, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ के लिए मंज़ूरी एक चॉइस का मामला था. राज्य के छह डिवीज़न में एक भी यूनिवर्सिटी नहीं थी. CM योगी ने कहा कि हमने माँ शाकुभरी यूनिवर्सिटी बनाई. अब इन डिवीज़न में यूनिवर्सिटीज़ बन रही हैं. हम न सिर्फ़ स्टेट यूनिवर्सिटीज़ बना रहे हैं बल्कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ को भी बढ़ावा दे रहे हैं. हम शिक्षा के क्षेत्र में हेल्दी कॉम्पिटिशन को बढ़ावा देने के लिए विदेशी यूनिवर्सिटीज़ को भी बुला रहे हैं.