Ghaziabad Sister’s Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या मामले में पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे में मामले में लगातार हो रही जांच ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ मनोवैज्ञानिकों को भी चिंता में डाल दिया है. तो वीं, दूसरी तरफ इस मामले में ‘कोरियन कल्चर’ (K-Pop और K-Drama) से जुड़े कई गहरे राज भी सामने आए हैं.
सोशल मीडिया पर ‘कोरियाई’ पहचान
फिलहाल, पुलिस की जांच में अभी यह सामने आया है कि तीनों बहनों ने सोशल मीडिया पर अपनी भारतीय पहचान पूरी तरह से छिपा हुई थी. इसके साथ ही उनके इंस्टाग्राम और अन्य अकाउंट्स ‘कोरियाई नामों’ से बने हुए थे. इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होने की वजह से वे डिजिटल दुनिया में पूरी तरह एक अलग व्यक्तित्व जी रही थीं. तो वहीं, दूसरी तरफ वे तीनों खुद को भारतीय मूल के बजाय कोरियाई मूल का दिखाने की ज्यादा कोशिश में जुटी हुई थीं, जो उनके मानसिक झुकाव को पूरी तरह से दर्शाता है.
डायरी से हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
सुसाइड नोट के साथ-साथ पुलिस ने मौके पर एक डायरी भी बरामद की जिसमें कई ऐसे राज थे जो इस घटना के ऊपर से पर्दा हटा सकते हैं. जहां, डायरी के पन्नों पर लिखा था कि, ‘आप भारतीय हैं, हम कोरियाई हैं’. यह वाक्य साफ तौर पर दर्शाता है कि उन्हें अपनी संस्कृति से दूर कर एक काल्पनिक पहचान में रहने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा था. इतना ही नहीं, डायरी में कुछ धार्मिक कोड और विशेष प्रार्थनाओं का भी जिक्र है, जो ऑनलाइन मिलने वाले ‘हैंडलर्स’ द्वारा सिखाया गया था.
पुलिस की जांच में क्या कुछ आया सामने?
फिलहाल, पुलिस की जांच में कई और चौंकाने वाले रहस्य भी बाहर आए हैं. जहां, तीनों नाबालिग युवतियों को कोरियाई संगीत और संस्कृति के बहाने तेजी से आकर्षित किया जा रहा था. इतना ही नहीं, ब्रेनवाश के माध्यम से उन्हें यह यकीन दिलाया जा रहा था की उनकी वर्तमान जीवनशैली गलत है और एक विशेष धर्म अपनाकर ही वे ‘पवित्र’ हो सकती हैं. दूसरी तरफ वे विदेशी चैटिंग ऐप्स के जरिए संदिग्ध लोगों के संपर्क में थीं, जो उन्हें घर छोड़ने के लिए उकसाने की कोशिश में जुटे हुए थे.