Kasganj Shocking News: उत्तर प्रदेश के कासगंज कासगंज के अमापुर थाना क्षेत्र के नगला भोजराज गांव से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां, शनिवार की सुबह किसी मातम से कम नहीं थी, जब एक ही घर के पांच सदस्यों की मौत की खबर ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. तो वहीं, पुलिस जांच के मुताबिक, परिवार के मुखिया श्यामवीर ने पहले अपनी पत्नी राजश्री और तीन बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था और वारदात को अंजाम देने के बाद खुद ही आत्महत्या कर ली थी. तो वहीं, इस घटना की जानकारी मिलते ही सूचना पर पहुंची एसपी, डीएम और डीआईजी सहित भारी पुलिस बल के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और फिर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की शुरुआत की.
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह गांव के पास एक खेत में इन पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया. तो वहीं, दूसरी तरफ श्यामवीर और उसकी पत्नी राजश्री का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिसे श्यामवीर के भाई ने मुखाग्नि दी. वहीं, तीनों मासूम बच्चों के शवों को पास ही एक सामूहिक कब्र में दफन किया गया. मृतक के पिता ने इस हैरान करने वाले मामले में जानकारी देते हुए बताया कि श्यामवीर पिछले चार महीनों से परिवार से कटा-कटा रहता था और किसी से बात नहीं कर रहा था.
राजनीतिक हलचल और परिवार का दर्द
इस घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. जिसको लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम तय है, जिससे मामले में राजनीतिक सरगर्मी पहले के मुताबिक और भी ज्यादा बढ़ गई है. तो वहीं, प्राथमिक जांच में इसे पारिवारिक विवाद या फिर मानसिक अवसाद का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर श्यामवीर ने अपने ही हंसते-खेलते परिवार को खत्म करने का आत्मघाती कदम क्यों उठाया?
घटना के बाद लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
परिवार और ग्रामीणों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि चार महीने की खामोशी का अंत इतने भयानक मंजर के साथ होगा जिसके बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा. तो वहीं, दूसरी तरफ श्यामवीर के पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
इतना ही नहीं, गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल, इस सामूहिक हत्याकांड ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू संवाद की कमी जैसे गंभीर विषयों पर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है.