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जेल की दीवारें भी नहीं रोक पाईं हौसला! कैदी ने ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा’ में किया टॉप, मिलेगा सम्मान

वाराणसी की जिला जेल में बंद रहते हुए एक व्यक्ति ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में टॉप किया. इस खबर के सामने आने के बाद से लोग उसके हौसले को सलाम कर रहे हैं. अब गायत्री परिवार उसका सम्मान करेगा.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: April 4, 2026 15:08:14 IST

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Varanasi Jail: उत्तर प्रदेश के वाराणसी की जेल में एक व्यक्ति की काफी तारीफ की जा रही है. उसने जेल में बंद रहते हुए एक व्यक्ति ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में टॉप किया. व्यक्ति का नाम राधेश्याम यादव है, जिन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार हरिद्वार की भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में हिस्सा लिया था. बीते साल नवंबर 2025 में हुई इस परीक्षा में जिले भर से एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे. अब रिजल्ट आने के बाद राधेश्याम यादव इसमें अव्वल नंबर पर आए. उनकी इस उपलब्धि के लिए गायत्री परिवार पांच अप्रैल को राधेश्याम का सम्मान करेगा. हालांकि उनका सम्मान कहां किया जाएगा, ये अभी तय नहीं किया गया है.

राधेश्याम पर लगा ये केस

बता दें कि राधेश्याम यादव वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव के रहने वाले हैं. 25 नवंबर 2024 से वे जेल में बंद हुए थे. वे फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं. उन पर दहेज व हत्या का मामला चल रहा है. जब उसे जेल में बंद किया गया था, तभी उसने पढ़ाई-लिखाई में रुचि दिखानी शुरू कर दी थी. जेल प्रशासन ने उसका प्रोत्साहन बढ़ाया, तो उत्साह के साथ उसने पढ़ाई जारी रखी.

जेल अधीक्षक ने बताया सफर

जिला जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस तरह से सभी बंदियों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री दी जाती है, राधेश्याम को भी उसी तरह किताबें और दूसरी सामग्रियां दी जाती रहीं. नवंबर 2025 में गायत्री परिवार ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई कर चुके लोगों के लिए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित कराई. परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक लोगों को किताबें दी गईं. इन किताबों को पढ़कर राधेश्याम की जीवन शैली में सुधार और व्यवहार में असर दिखने लगा. पढ़ाई के साथ-साथ वो काफी विनम्र और गंभीर होता गया. 

जल्द खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

वहीं उन्होंने ये भी बताया कि जिला जेल में जल्द डिजिटल लाइब्रेरी खुलने वाली है. इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के सीएसआर फंड के तहत कंप्यूटर सिस्टम पर डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की जाएगी. इससे जेल के कैदियों को पढ़ने में आसानी होगी.

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Written By: Deepika Pandey
Last Updated: April 4, 2026 15:08:14 IST

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Varanasi Jail: उत्तर प्रदेश के वाराणसी की जेल में एक व्यक्ति की काफी तारीफ की जा रही है. उसने जेल में बंद रहते हुए एक व्यक्ति ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में टॉप किया. व्यक्ति का नाम राधेश्याम यादव है, जिन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार हरिद्वार की भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में हिस्सा लिया था. बीते साल नवंबर 2025 में हुई इस परीक्षा में जिले भर से एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे. अब रिजल्ट आने के बाद राधेश्याम यादव इसमें अव्वल नंबर पर आए. उनकी इस उपलब्धि के लिए गायत्री परिवार पांच अप्रैल को राधेश्याम का सम्मान करेगा. हालांकि उनका सम्मान कहां किया जाएगा, ये अभी तय नहीं किया गया है.

राधेश्याम पर लगा ये केस

बता दें कि राधेश्याम यादव वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव के रहने वाले हैं. 25 नवंबर 2024 से वे जेल में बंद हुए थे. वे फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं. उन पर दहेज व हत्या का मामला चल रहा है. जब उसे जेल में बंद किया गया था, तभी उसने पढ़ाई-लिखाई में रुचि दिखानी शुरू कर दी थी. जेल प्रशासन ने उसका प्रोत्साहन बढ़ाया, तो उत्साह के साथ उसने पढ़ाई जारी रखी.

जेल अधीक्षक ने बताया सफर

जिला जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस तरह से सभी बंदियों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री दी जाती है, राधेश्याम को भी उसी तरह किताबें और दूसरी सामग्रियां दी जाती रहीं. नवंबर 2025 में गायत्री परिवार ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई कर चुके लोगों के लिए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित कराई. परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक लोगों को किताबें दी गईं. इन किताबों को पढ़कर राधेश्याम की जीवन शैली में सुधार और व्यवहार में असर दिखने लगा. पढ़ाई के साथ-साथ वो काफी विनम्र और गंभीर होता गया. 

जल्द खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

वहीं उन्होंने ये भी बताया कि जिला जेल में जल्द डिजिटल लाइब्रेरी खुलने वाली है. इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा के सीएसआर फंड के तहत कंप्यूटर सिस्टम पर डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की जाएगी. इससे जेल के कैदियों को पढ़ने में आसानी होगी.

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