आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था
- आउटसोर्स सेवा निगम कम्पनीज एक्ट-2013 की धारा 8 के अंतर्गत पब्लिक लिमिटेड कंपनी (नॉन-प्रॉफिट) के रूप में काम करेगा।
- कर्मचारियों को 16,000 से 20,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
- वेतन हर माह 1 से 5 तारीख तक सीधे खाते में आएगा।
- PF और ESIC का अंशदान भी सीधे खातों में पहुंचेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
- सेवा अवधि अधिकतम तीन वर्ष तक रहेगी।
- चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का प्रावधान होगा।
- अनियमितता पाए जाने पर सेवा तुरंत समाप्त करने का अधिकार रहेगा।
- सामाजिक सुरक्षा, आरक्षण और प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी।
- सेवा के दौरान मृत्यु पर 15,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
आरक्षण और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
नई व्यवस्था में संवैधानिक आरक्षण का पूर्ण पालन किया जाएगा। एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को अवसर मिलेगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश और सभी कर्मचारियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
युवाओं को मिलेगा रोजगार और विश्वास
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह निर्णय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खोलेगा। आउटसोर्स सेवाओं में पारदर्शिता से सुशासन की दिशा में राज्य को नई पहचान मिलेगी। अब वेतन कटौती, देरी या धोखाधड़ी जैसी शिकायतें नहीं होंगी।