Badrinath Cultural Festival: बद्रीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर अब प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है. चमोली के डीएम गौरव कुमार ने गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शांतनु को नोटिस जारी कर बिना पूर्व अनुमति कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जवाब मांगा है. नोटिस में भारी भीड़ और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का भी जिक्र है. कार्यक्रम के बाद सिंगर प्रियंका मेहर के शो के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद बद्रीनाथ धाम की धार्मिक गरिमा को लेकर सवाल उठे.
बद्रीनाथ धाम में फेस्टिवल के बाद क्यों मचा बवाल
Badrinath Cultural Festival: उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम में आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर अब प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है. जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शांतनु को नोटिस जारी किया है. उनसे प्रशासन से पहले से जरूरी अनुमति लिए बिना बद्रीनाथ धाम में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर जवाब मांगा गया है. नोटिस में कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ जुटने और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल का भी जिक्र किया गया है.
जिला मजिस्ट्रेट ने नोटिस में कहा है कि श्री बद्रीनाथ धाम आस्था का पवित्र केंद्र है और इसकी धार्मिक पवित्रता व गरिमा बेहद महत्वपूर्ण है. प्रशासन का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से मंदिर में होने वाली पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा पड़ सकती है. इसी आधार पर गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर से पूछा गया है कि आवश्यक प्रशासनिक अनुमति लिए बिना इस तरह का कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया.
बद्रीनाथ में 19 और 20 सितंबर को देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुआ, जो मंदिर से सटा हुआ क्षेत्र है. आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक महोत्सव का विषय ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ था और इसमें लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प समेत कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल थीं.
महोत्सव के दौरान सिंगर प्रियंका मेहर का भी शो हुआ था. कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें कार्यक्रम के दौरान लोगों की मौजूदगी और संगीत कार्यक्रम की झलक दिखाई दी. इन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि बद्रीनाथ धाम जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल वाले स्थान से सटे इलाके में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए या नहीं.
देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव को भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन की संयुक्त पहल के तौर पर आयोजित किया गया था. कार्यक्रम ऑपरेशन सद्भावना के तहत हुआ और इसका उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और सीमांत क्षेत्र की विरासत को सामने लाना बताया गया था. आधिकारिक महोत्सव वेबसाइट भी इसे भारतीय सेना की पहल बताती है. अब डीएम की ओर से जारी नोटिस के बाद मुख्य सवाल आयोजन के उद्देश्य से ज्यादा उसके लिए अपनाई गई प्रशासनिक प्रक्रिया और बद्रीनाथ धाम की धार्मिक गरिमा से जुड़े पहलुओं पर है. कर्नल शांतनु के जवाब के बाद इस मामले में प्रशासन का अगला रुख स्पष्ट हो सकेगा.
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