Live
Search
Home > राज्य > उत्तराखंड > बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, BKTC समिति ने लिया फैसला, 121 करोड़ का बजट भी पास

बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, BKTC समिति ने लिया फैसला, 121 करोड़ का बजट भी पास

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के चार पवित्र मंदिरों में से दो केदारनाथ और बद्रीनाथ में अब गैर-सनातन लोगों की एंट्री बैन होगी. यह फैसला बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की बजट मीटिंग में लिया गया.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 11, 2026 11:19:30 IST

Mobile Ads 1x1

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के चार पवित्र मंदिरों में से दो केदारनाथ और बद्रीनाथ में अब गैर-सनातन लोगों की एंट्री बैन होगी. यह फैसला बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की बजट मीटिंग में लिया गया. मीटिंग में कमेटी के तहत आने वाले 46 मंदिरों के बजट को भी मंज़ूरी दी गई. फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 121 करोड़ 7 लाख से ज़्यादा के बजट को मंज़ूरी दी गई.

चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने वाली है. यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिरों के कपाट अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे. पिछले साल 2025 में लगभग 5.1 मिलियन तीर्थयात्रियों ने चारों पवित्र मंदिरों में मिलकर दर्शन किए थे.

BKTC मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले?

  • बद्रीनाथ और केदारनाथ में गैर-सनातन लोगों की एंट्री पर बैन लगाया गया.
  • तीर्थयात्रा से पहले के इंतजामों को मज़बूत करने और ऋषिकेश ट्रांज़िट कैंप में एक कमेटी कैंप ऑफ़िस खोलने का फ़ैसला लिया गया.
  • मंदिरों के अंदर एक तय दूरी तक मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाई.
  • BKTC एक्ट के कुछ नियमों में बदलाव पर सहमति.
  • रावल की नियुक्ति और पूजा-पाठ और दर्शन के इंतजामों के लिए नियमों और परंपराओं पर फैसला.
  • BKTC के लिए एक लागू करने वाली संस्था बनाना.
  • कर्मचारियों का प्रमोशन, टेम्पररी कर्मचारियों की सैलरी के अंतर को सुलझाना और मानदेय में बढ़ोत्तरी.
  • बद्री मंदिर को BKTC में शामिल करने पर सहमति.
  • डिमरी धार्मिक पंचायत के लेटर पर विचार.
  • पूजा का सामान खरीदना, मरकंटेश्वर मंदिर सभा मंडप का फिर से बनाना.
  • BKTC कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन के लिए एक रिवॉल्विंग फ़ंड बनाना.

बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए अलग नियम

मीटिंग में श्री बद्रीनाथ धाम के लिए 57,47,39,601 रुपए और श्री केदारनाथ धाम के लिए 63,60,59,900 रुपए का प्रोविज़न किया गया. प्रस्तावित इनकम के मुकाबले प्रस्तावित खर्च 99,45,36,651 रुपए था. मीटिंग चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विजय प्रसाद थपलियाल ने कंडक्ट की जिन्होंने पिछली बोर्ड मीटिंग की कम्प्लायंस रिपोर्ट और 2026-27 का बजट पेश किया.

सेफ, सिंपल और सुगम दर्शन का है गोल

BKTC प्रेसिडेंट हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में देहरादून में कैनाल रोड ऑफिस के पास हुई मीटिंग में कहा गया कि प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के विज़न और चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, केदारनाथ में रिकंस्ट्रक्शन का काम पूरा हो चुका है. अब बद्रीनाथ में रिकंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि भक्तों को सेफ, सिंपल और सुगम दर्शन देना कमिटी की प्रायोरिटी है. इसके लिए बजट में जरूरी प्रोविज़न किए गए हैं. सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए.

इंफ्रास्ट्रक्चर, SOPS और डिजिटलाइजेशन पर जोर

मीटिंग में यात्रा और दर्शन SOPs, मंदिर परिसर में रेलिंग और दर्शन लाइनों की मरम्मत, पेंटिंग, पीने का पानी, बिजली, साफ-सफाई, टॉयलेट की व्यवस्था, पूजा और दर्शन की व्यवस्था, ऑनलाइन पूजा और कमेटी की वेबसाइट को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें पास किया गया. भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने का फैसला किया गया.

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तराखंड > बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, BKTC समिति ने लिया फैसला, 121 करोड़ का बजट भी पास

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 11, 2026 11:19:30 IST

Mobile Ads 1x1

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के चार पवित्र मंदिरों में से दो केदारनाथ और बद्रीनाथ में अब गैर-सनातन लोगों की एंट्री बैन होगी. यह फैसला बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की बजट मीटिंग में लिया गया. मीटिंग में कमेटी के तहत आने वाले 46 मंदिरों के बजट को भी मंज़ूरी दी गई. फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 121 करोड़ 7 लाख से ज़्यादा के बजट को मंज़ूरी दी गई.

चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने वाली है. यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिरों के कपाट अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे. पिछले साल 2025 में लगभग 5.1 मिलियन तीर्थयात्रियों ने चारों पवित्र मंदिरों में मिलकर दर्शन किए थे.

BKTC मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले?

  • बद्रीनाथ और केदारनाथ में गैर-सनातन लोगों की एंट्री पर बैन लगाया गया.
  • तीर्थयात्रा से पहले के इंतजामों को मज़बूत करने और ऋषिकेश ट्रांज़िट कैंप में एक कमेटी कैंप ऑफ़िस खोलने का फ़ैसला लिया गया.
  • मंदिरों के अंदर एक तय दूरी तक मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाई.
  • BKTC एक्ट के कुछ नियमों में बदलाव पर सहमति.
  • रावल की नियुक्ति और पूजा-पाठ और दर्शन के इंतजामों के लिए नियमों और परंपराओं पर फैसला.
  • BKTC के लिए एक लागू करने वाली संस्था बनाना.
  • कर्मचारियों का प्रमोशन, टेम्पररी कर्मचारियों की सैलरी के अंतर को सुलझाना और मानदेय में बढ़ोत्तरी.
  • बद्री मंदिर को BKTC में शामिल करने पर सहमति.
  • डिमरी धार्मिक पंचायत के लेटर पर विचार.
  • पूजा का सामान खरीदना, मरकंटेश्वर मंदिर सभा मंडप का फिर से बनाना.
  • BKTC कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन के लिए एक रिवॉल्विंग फ़ंड बनाना.

बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए अलग नियम

मीटिंग में श्री बद्रीनाथ धाम के लिए 57,47,39,601 रुपए और श्री केदारनाथ धाम के लिए 63,60,59,900 रुपए का प्रोविज़न किया गया. प्रस्तावित इनकम के मुकाबले प्रस्तावित खर्च 99,45,36,651 रुपए था. मीटिंग चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विजय प्रसाद थपलियाल ने कंडक्ट की जिन्होंने पिछली बोर्ड मीटिंग की कम्प्लायंस रिपोर्ट और 2026-27 का बजट पेश किया.

सेफ, सिंपल और सुगम दर्शन का है गोल

BKTC प्रेसिडेंट हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में देहरादून में कैनाल रोड ऑफिस के पास हुई मीटिंग में कहा गया कि प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के विज़न और चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, केदारनाथ में रिकंस्ट्रक्शन का काम पूरा हो चुका है. अब बद्रीनाथ में रिकंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि भक्तों को सेफ, सिंपल और सुगम दर्शन देना कमिटी की प्रायोरिटी है. इसके लिए बजट में जरूरी प्रोविज़न किए गए हैं. सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए.

इंफ्रास्ट्रक्चर, SOPS और डिजिटलाइजेशन पर जोर

मीटिंग में यात्रा और दर्शन SOPs, मंदिर परिसर में रेलिंग और दर्शन लाइनों की मरम्मत, पेंटिंग, पीने का पानी, बिजली, साफ-सफाई, टॉयलेट की व्यवस्था, पूजा और दर्शन की व्यवस्था, ऑनलाइन पूजा और कमेटी की वेबसाइट को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें पास किया गया. भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने का फैसला किया गया.

MORE NEWS