Today Weather: अप्रैल जैसे गर्मी के महीने में भी भारत के कई राज्यों में तूफानी मौसम देखने को मिला. जहां इस मौसम ने कई राज्यों को राहत दी वहीं कई राज्यों में भारी और तूफानी बारिश का कहर टूटा. बता दें कि बुधवार सुबह पूरे ज़िले में हुई बारिश ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया और उनकी महीनों की मेहनत को बर्बाद कर दिया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मैदानी इलाकों में, गेहूं की खड़ी फसलें जो कटाई के लिए तैयार थीं और जो फसलें पहले ही काटी जा चुकी थीं, दोनों ही बारिश के पानी में भीगने से बर्बाद हो गईं. साथी ही, पहाड़ी इलाकों में, ओलावृष्टि की वजह से आड़ू, आलू और बेर जैसी फसलों पर चोट के निशान और धब्बे पड़ गए हैं. सीधा-सीधा मार्किट में पहुँचने से पहले फलों को भी भारी नुकसान हुआ है.
ओलावृष्टि से किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद
बता दें कि ओलावृष्टि होने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है. खासतौर पर फल उगाने वाले इलाके ज्यादा प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा नैनीताल में इसका असा देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक नैनीताल ज़िले में ही, लगभग 19,000 हेक्टेयर ज़मीन पर गेहूं की खेती की जाती है. मौसम में आए इस अचानक और भारी बदलाव से किसान बहुत चिंतित हैं. भारी बारिश की वजह से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें पूरी तरह से भीग गई हैं, जिससे कटाई के काम में काफी दिक्कतें आने की उम्मीद है.
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70% तक बर्बाद हुई गेहूं की फसल
जानकारी के मुताबिक कटाई के बाद खेतों में पड़ी गेहूं की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. नतीजतन, गौलापार, कालाढूंगी, हल्दूचौड़ और रामनगर जैसे इलाकों में गेहूं की फसल को लगभग 70 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, ओलावृष्टि ने धारी, ओखलकांडा, भेड़ापानी, धनाचूली और आसपास के इलाकों में फल उगाने वाले क्षेत्रों में छोटे फलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. गिरते ओलों के कारण नए उग रहे फलों पर धब्बे पड़ गए हैं, जिससे फलों की लगभग 50 से 60 प्रतिशत फसल खराब हो गई है.
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