West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी 291 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं, कांग्रेस 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस बीच, जानकारी सामने आ रही है कि अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर से चुनाव लड़ने का मन बना रहे है. इस खबर के सामने आने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अधीर रंजन चौधरी लोकसभा चुनाव में मिली हार का बदला लेना चाहते हैं.
पश्चिम बंगाल में बहरामपुर से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इस बीच, कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. एक तरफ जहां टीएमसी 291 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, तो कांग्रेस 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. भले ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच टक्कर हो रही हो, लेकिन कांग्रेस टीएमसी का खेल बिगाड़ने का काम कर सकती है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 2 चरणों में मतदान होगा. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. मतगणना 4 मई 2026 को होगा.
टीएमसी के मुकाबले कांग्रेस भले ही 4 ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ रही हो लेकिन टीएमसी पश्चिम बंगाल में मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. टीएमसी ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. क्योंकि उन्होंने 3 सीटें अपने सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा को दे दी है.
चुनावी मैदान में ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए हुमायूं कबीर ने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के साथ चुनावी गठबंधन कर लिया है. सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या कांग्रेस सचमुच विधानसभा चुनाव लड़ रही है या राहुल गांधी इस मुकाबले को ममता बनर्जी के खिलाफ एक निजी लड़ाई के तौर पर देख रहे हैं? पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को छोड़कर लगभग सभी राजनीतिक खिलाड़ियों के एजेंडे पहले ही सार्वजनिक हो चुके हैं.
उदाहरण के तौर पर हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी को देखें तो दोनों ने अपना मकसद क्लियर कर दिया है कि उन्हें मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करना है. हुमायूं कबीर की बात करें तो वो पहले टीएमसी में थे. लेकिन उनके भड़काऊ बयानों की वजह से टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. जिसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. जिसके बाद अब ओवैसी के साथ उन्होंने गठबंधन करके मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का निर्णय लिया है.
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अधीर रंजन चौधरी को उनके पदों से मुक्त कर दिया गया और बंगाल कांग्रेस की कमान शुभंकर सरकार को सौंप दी गई. हालांकि शुभंकर सरकार अभी चुनाव प्रचार में सबसे आगे हैं, लेकिन ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब से ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है, तब से अधीर रंजन चौधरी लगातार तृणमूल कांग्रेस नेता को चुनौती देने के लिए आगे आते रहे हैं.
2019 में वे संसद सदस्य के रूप में चुने गए और उन्हें दिल्ली लाया गया, जहां बाद में उन्हें लोकसभा में सदन का नेता नियुक्त किया गया. 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें पश्चिम बंगाल में पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में हार के साथ-साथ बंगाल कांग्रेस की कमान भी उनसे वापस ले ली गई.
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