West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का एलान कर दिया गया है. इस बार केवल 2 चरणों में मतदान होगा. इसका क्या पड़ेगा? चुनाव आयोग ने ऐसा फैसला क्यों लिया? आइए जानते हैं.
पश्चिम बंगाल मेें इस बार 2 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) को लेकर चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है. पिछला विधानसभा चुनाव जहां 8 चरणों में हुआ था तो इस बार चुनाव आयोग ने 2 चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है. चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में मतदान होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. 2021 के विधानसभा चुनावो के दौरान पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में वोट डाले गए थे, जो Covid-19 महामारी के बीच हुए थे.
मतदान का पहला चरण 27 मार्च को और आखिरी चरण 29 अप्रैल को हुआ था. जानकारी के अनुसार, कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस बार चुनाव आयोग के अधिकारियों से कहा था कि चुनाव दो या तीन चरणों में होने चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबे चुनावी कार्यक्रम से चुनाव खर्च बढ़ जाता है और मतदान को लेकर लोगों का उत्साह भी कम हो जाता है.
बताया जाता है कि कई चरणों में चुनाव कराने के पीछे एक तर्क यह है कि इससे केंद्रीय बलों की तैनाती आसान हो जाती है. बंगाल में पिछले चुनावों के दौरान राजनीतिक हिंसा की घटनाएं और जान-माल का नुकसान देखने को मिली हैं. लेकिन इस बार पार्टियों ने यह तर्क दिया है कि बड़ी संख्या में केंद्रीय बल पहले से ही राज्य में तैनात हैं, जिससे लंबे चुनावी कार्यक्रम की कोई ज़रूरत नहीं है.
पश्चिम बंगाल के पिछले 25 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि विधानसभा चुनाव 2 चरणों में हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल में 2006 मेें 5 फेज, 2011 में 6 फेज, 2016 में 7 फेज, 2021 में 8 फेज और अब 2026 में सिर्फ 2 फेज में चुनाव हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा का पुराना इतिहास रहा है. लेकिन अब ऐसा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है. क्योंकि जमीनी स्तर पर वामदलों का प्रभाव काफी कम हुआ है. पहले चुनावों में टीएमसी और वामदलों के बीच सड़क पर संघर्ष होता था. लेकिन अब ऐसा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है, इसलिए चुनाव आयोग ने 2 चरणों में मतदान कराने का फैसला लिया है.
अब अगर बात करें कि 2 चरणों में मतदान कराने से क्या प्रभाव पड़ेगा तो अभी फिलहाल तो ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है. लेकिन 2 चरणों में मतदान कराने से ममता बनर्जी की पार्टी को थोड़ा नुकसान हो सकता है. क्योंकि अलग-अलग चरणों में पार्टी अपने कैडर को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजती थी. लेकिन इस बार ऐसा नहीं कर पाएंगी, लेकिन ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले ही कई योजनाओं की घोषणा कर दी है. जिससे ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को फायदा मिल सकता है.
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