धर्म नगरी वृंदावन में रूढ़िवादी परंपराओं की दीवारों को तोड़ते हुए एक भव्य आयोजन किया गया. सुलभ इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर विडोज के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध गोपीनाथ मंदिर में सैकड़ों विधवा माताओं ने अबीर-गुलाल और फूलों से होली खेली.
जहां विधवा स्त्रियों का जीवन एकदम रंगविहीन मान लिया जाता है, और उनके जीवन से भी सभी रंगों को दूर कर दिया जाता है, यह उत्सव उस कुंठित सोच पर प्रहार करता है. विधवा महिलाओं द्वारा खेली जा रही इस होली का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है.
आयोजन का विवरण
सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्व. बिंदेश्वर पाठक द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल के तहत प्रतिवर्ष वृंदावन में यह महोत्सव आयोजित होता है. इसका उद्देश्य समाज से कटी विधवा महिलाओं को सम्मान और उल्लास का अवसर देना है. मंदिर परिसर भजन, होली गीतों और रसिया की धुनों से गूंज उठा. माताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और कान्हा भक्ति में नृत्य किया. संस्था के पदाधिकारियों ने भी उत्सव में शामिल होकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया. इस अवसर पर विधवा और वृद्ध माताएं भक्ति व उमंग से सराबोर नजर आईं. उन्होंने कहा कि यह उत्सव उनके एकाकी जीवन में आनंद भरता है. भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम में रंगकर वे सारे दुख भूल जाती हैं.
#WATCH मथुरा, उत्तर प्रदेश: वृंदावन में ‘विधवा होली’ के दौरान गोपीनाथ मंदिर परिसर में होली की रौनक छा गई, महिलाएं एक-दूसरे पर रंग और फूल बरसा रही हैं। pic.twitter.com/cqMqUCp8kR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 2, 2026
वृंदावन होली की खासियत
मथुरा-वृंदावन की होली विश्व प्रसिद्ध है, जो कई दिनों तक चलती है. यहां लठमार होली, रंग होली व फूल वाली होली भी खेली जाती है. देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां होली देखने और त्योहार में शामिल होने के लिए आते हैं. राधा-कृष्ण की नगरी में रस-रंग का जादू दुखी मन को भी आनंदित कर देता है.
वहीं विधवा होली का यह आयोजन सामाजिक कुप्रथाओं पर प्रहार करता है. विधवाओं को उपेक्षित न मानकर मुख्यधारा से जोड़ना सराहनीय कार्य है. सोशल मीडिया पर लोग इस उत्सव की खूब तारीफ कर रहे हैं.