85 Year Old Woman Parvatamma Monkey Hug: यह घटना विज्ञान और तर्क से परे 'भावनाओं' के उस संसार की है, जहां सिर्फ निस्वार्थ प्रेम मायने रखता है, पार्वतीम्मा और बंदरों के बीच का रिश्ता केवल भोजन तक सीमित नहीं था उनके परिवार के अनुसार, वे जानवरों से डरती थीं लेकिन इन बंदरों के लिए उनका दिल हमेशा खुला रहता था, चन्नापटना के ग्रामीणों ने बताया कि बंदर बहुत उदास दिख रहा था,उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि वह एक परिजन की तरह शांति से बैठकर शोक मनाता रहा, ताज्जुब की बात यह है कि भीड़ होने के बावजूद वह बंदर डरा नहीं उसने रात भर पार्वतीम्मा के शव के पास पहरा दिया आधी रात को किसी ने उसे केला दिया, जिसे खाकर वह दोबारा शव के पास लौट आया, यह वीडियो मानवता और जानवरों के बीच के सह-अस्तित्व का प्रतीक बन गया है, लोग इसे "सच्चे कर्मों की कमाई" बता रहे हैं, जिसे इंसान अपने साथ ले जाता है.