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‘ये पैसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं…’ काव्या मारन से खुश नहीं सुनील गावस्कर, बोले- हथियार खरीदकर…

सुनील गावस्कर का कहना है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए. आइए जानते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कहा है?

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नई दिल्ली. पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को इंग्लैंड की टी20 लीग द हंड्रेड में टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. इस फैसले पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए. आइए जानते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कहा है?
 
पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर भारतीय कंपनियों की टीमें पाकिस्तान के खिलाड़ियों को पैसे देती हैं, तो यह पैसा कहीं न कहीं ऐसे लोगों तक भी पहुंच सकता है जो भारत के खिलाफ काम करते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब यह पैसे पाकिस्तान सरकार के पास टैक्स के रूप में जाएंगे तो वह इससे हथियार खरीद सकते हैं जिनका इस्तेमाल भविष्य में भारत पर हो सकता है. इसलिए फ्रेंचाईजी का यह फैसला गलत हैं.
 

द हंड्रेड में हुई थी साइनिंग

दरअसल, इंग्लैंड की मशहूर लीग द हंड्रेड के लिए हुई नीलामी में अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने अपनी टीम में शामिल किया. यह फ्रेंचाइजी भारतीय कंपनी सन टीवी नेटवर्क से जुड़ी है, जो आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की मालिक भी है. इसी वजह से यह फैसला और ज्यादा चर्चा में आ गया है. हालांकि कई लोगों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए और खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर होना चाहिए. लेकिन गावस्कर के बयान के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और लीग क्रिकेट में राजनीतिक हालात का कितना असर पड़ना चाहिए.
 

काव्या ने अबरार को कितने में खरीदा

नीलामी के दौरान काव्या मारन ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को करीब £190,000 (लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया. खास बात यह है कि भारतीय मालिकाना हक से जुड़ी किसी फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का मामला बहुत कम देखने को मिलता है, इसलिए यह साइनिंग काफी चर्चा में आ गई.
 

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सुनील गावस्कर का कहना है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए. आइए जानते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कहा है?

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नई दिल्ली. पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को इंग्लैंड की टी20 लीग द हंड्रेड में टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. इस फैसले पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए. आइए जानते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कहा है?
 
पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर भारतीय कंपनियों की टीमें पाकिस्तान के खिलाड़ियों को पैसे देती हैं, तो यह पैसा कहीं न कहीं ऐसे लोगों तक भी पहुंच सकता है जो भारत के खिलाफ काम करते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब यह पैसे पाकिस्तान सरकार के पास टैक्स के रूप में जाएंगे तो वह इससे हथियार खरीद सकते हैं जिनका इस्तेमाल भविष्य में भारत पर हो सकता है. इसलिए फ्रेंचाईजी का यह फैसला गलत हैं.
 

द हंड्रेड में हुई थी साइनिंग

दरअसल, इंग्लैंड की मशहूर लीग द हंड्रेड के लिए हुई नीलामी में अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने अपनी टीम में शामिल किया. यह फ्रेंचाइजी भारतीय कंपनी सन टीवी नेटवर्क से जुड़ी है, जो आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की मालिक भी है. इसी वजह से यह फैसला और ज्यादा चर्चा में आ गया है. हालांकि कई लोगों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए और खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर होना चाहिए. लेकिन गावस्कर के बयान के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और लीग क्रिकेट में राजनीतिक हालात का कितना असर पड़ना चाहिए.
 

काव्या ने अबरार को कितने में खरीदा

नीलामी के दौरान काव्या मारन ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को करीब £190,000 (लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया. खास बात यह है कि भारतीय मालिकाना हक से जुड़ी किसी फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का मामला बहुत कम देखने को मिलता है, इसलिए यह साइनिंग काफी चर्चा में आ गई.
 

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