Himachal Pradesh News: मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में लगातार तीसरे दिन बारिश और बर्फबारी जारी रही, जिससे पूरा राज्य भीषण ठंड की चपेट में आ गया. बीते दिन 3 फरवरी को राज्य के मध्य और ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश हुई, जिससे लाहौल-स्पीति में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया. राजधानी शिमला, कुफरी और नारकंडा में बीते दिन हल्की बर्फबारी, ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई. अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर स्नो गैलरी के पास हिमस्खलन हुआ. गनीमत रही की इस घटना में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, कुछ गाड़ियां बर्फ के नीचे दब गईं, जिन्हें तुरंत बचा लिया गया. बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने तुरंत सड़क से बर्फ और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है. प्रशासन ने जिले में हिमस्खलन के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है. जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से आधिकारिक सलाह मानने और सड़कें साफ होने तक गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है.
दारचा-शिंकुला और दारचा-सरचू-लेह नेशनल हाईवे बंद
इस बीच, लाहौल-स्पीति जिले में लगातार बर्फबारी के कारण ज्यादातर सड़क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है. पुलिस द्वारा जारी नवीनतम सड़क स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, कई मुख्य सड़कें बंद या अवरुद्ध हैं. दारचा से शिंकुला और दारचा-सरचू-लेह नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं. केलोंग से दारचा, केलोंग से अटल टनल और अटल टनल से मनाली तक के रास्ते ताजा बर्फबारी के कारण बंद हैं, जहां 2 से 10 इंच तक ताजी बर्फ जमी है. अटल टनल से कुथबिहाल, कुथबिहाल से ग्राम्फू और ग्राम्फू से रोहतांग और पालचान तक का रास्ता भी अगले आदेश तक बंद रहेगा। हल्की बर्फबारी के कारण टांडी से उदयपुर और उदयपुर से कडुनाला सड़क मार्गों पर भी यातायात बाधित हुआ है। काजा से लोसर सड़क अभी भी बंद है, जबकि सुमदो से काजा सड़क केवल स्नो चेन वाली 4×4 गाड़ियों के लिए खुली है. ग्राम्फू से लोसर, कुंजुम टॉप और चंद्रताल सड़कें भी फिलहाल बंद हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले सड़कों की नवीनतम स्थिति की जांच करने की अपील की है। आज से मौसम में सुधार होगा
आज कैसा रहेगा प्रदेश का मौसम
शिमला में मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार के अनुसार, राज्य में 4 फरवरी से मौसम में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा, जिससे तापमान बढ़ेगा और ठंड से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, आदिवासी इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रहेगी और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।