Live
Search
Home > Posts tagged "Atanu Chakraborty resignation"

Atanu Chakraborty: अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद HDFC के शेयरों में गिरावट, करोड़ों का नुकसान

Atanu Chakraborty: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक में एक इस्तीफ़े से बाज़ार में भारी गिरावट आ गई, जिससे कुछ ही घंटों में निवेशकों की 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ. अतानु चक्रवर्ती ने HDFC Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे नैतिक चिंताओं का हवाला दिया और कहा कि बैंक के कुछ तौर-तरीके उनके निजी मूल्यों से मेल नहीं खाते थे. इस खबर के बाद गुरुवार को बैंक के शेयर में करीब 9% की भारी गिरावट आ गई.

Mobile Ads 1x1

Atanu Chakraborty: HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने दलाल स्ट्रीट पर सबका ध्यान खींचा है और भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के लेंडर के अंदरूनी कामकाज को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने बैंक के अंदरूनी कामकाज को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के अंदर कुछ ऐसी घटनाएं और तौर-तरीके देखे गए जो मेरे निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे. इस अचानक इस्तीफे और पत्र में इस्तेमाल की गई असामान्य रूप से साफगोई भरी भाषा ने बैंक के गवर्नेंस मानकों पर काफी ध्यान आकर्षित किया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक मर्जर के बाद के एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है.

भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक में एक इस्तीफ़े से बाज़ार में भारी गिरावट आ गई, जिससे कुछ ही घंटों में निवेशकों की 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ. अतानु चक्रवर्ती ने HDFC Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे नैतिक चिंताओं का हवाला दिया और कहा कि बैंक के कुछ तौर-तरीके उनके निजी मूल्यों से मेल नहीं खाते थे. इस खबर के बाद गुरुवार को बैंक के शेयर में करीब 9% की भारी गिरावट आ गई. चक्रवर्ती ने जोर देकर कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है. उनके अनुसार, बैंक में किसी भी गलत काम की ओर इशारा नहीं कर रहा हूं. मेरी विचारधाराएं संगठन से मेल नहीं खाती थीं. बैंक ने बुधवार देर रात उनके इस्तीफे की जानकारी दी. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने लिखा कि पिछले दो सालों में हुई कुछ घटनाएं उनके निजी नैतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थीं. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके इस्तीफे की कोई और बड़ी वजह नहीं थी.

अतनु चक्रवर्ती कौन हैं?

चक्रवर्ती गुजरात कैडर के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उन्हें पब्लिक पॉलिसी और फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन में तीन दशकों से अधिक का एक्सपीरियंस है. उन्होंने वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दीं. इसके अलावा उन्होंने निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) में अहम भूमिकाएं निभाईं, जहां वे सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से करीब से जुड़े थे. सिविल सेवाओं से रिटायर होने के बाद अतनु चक्रवर्ती ने कॉर्पोरेट सेक्टर में कदम रखा. उन्होंने विभिन्न बोर्ड-स्तरीय पदों पर काम करते हुए पॉलिसी और रेगुलेटरी अनुभव की अपनी गहरी समझ का इस्तेमाल किया.

HDFC बैंक में भूमिका

यह ध्यान देने लायक है कि वे मई 2021 में HDFC बैंक के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के तौर पर शामिल हुए थे. इसके बाद उन्हें बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया. उनका कार्यकाल बैंक के लिए एक ऐतिहासिक दौर साबित हुआ, जिसमें खास तौर पर HDFC Ltd. के साथ उसका मर्जर शामिल है. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने इस मर्जर को एक बेहद अहम घटना बताया. उन्होंने कहा कि इस मर्जर ने बैंक के तहत एक विशाल समूह खड़ा कर दिया है. लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि इस मर्जर के पूरे फायदे अभी मिलने बाकी हैं.

आरबीआई को नजर रखनी चाहिए

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज के चीफ एग्जीक्यूटिव अमित टंडन ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि RBI को इस मामले पर पूरी नज़र रखनी चाहिए. क्योंकि, HDFC बैंक एक सिस्टम के लिहाज़ से अहम बैंक है. चूंकि RBI ने उनकी जगह ग्रुप के ही एक अंदरूनी व्यक्ति केकी मिस्त्री को नियुक्त किया है, इसलिए शेयरहोल्डर्स के लिए यह कम चिंता की बात हो सकती है. कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने भी इस पर अपनी राय दी. इस बैंक के लिए गवर्नेंस के मानक ऐतिहासिक रूप से मज़बूत रहे हैं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम कुछ ऐसे पहलुओं को लेकर चिंता पैदा करता है जिनके बारे में हमारी जानकारी सीमित हो सकती है. स्टॉक मल्टीपल के नज़रिए से वे अहम हो सकते हैं.

MORE NEWS

Home > Posts tagged "Atanu Chakraborty resignation"

Atanu Chakraborty: अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद HDFC के शेयरों में गिरावट, करोड़ों का नुकसान

Atanu Chakraborty: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक में एक इस्तीफ़े से बाज़ार में भारी गिरावट आ गई, जिससे कुछ ही घंटों में निवेशकों की 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ. अतानु चक्रवर्ती ने HDFC Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे नैतिक चिंताओं का हवाला दिया और कहा कि बैंक के कुछ तौर-तरीके उनके निजी मूल्यों से मेल नहीं खाते थे. इस खबर के बाद गुरुवार को बैंक के शेयर में करीब 9% की भारी गिरावट आ गई.

Mobile Ads 1x1

Atanu Chakraborty: HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने दलाल स्ट्रीट पर सबका ध्यान खींचा है और भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के लेंडर के अंदरूनी कामकाज को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने बैंक के अंदरूनी कामकाज को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के अंदर कुछ ऐसी घटनाएं और तौर-तरीके देखे गए जो मेरे निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे. इस अचानक इस्तीफे और पत्र में इस्तेमाल की गई असामान्य रूप से साफगोई भरी भाषा ने बैंक के गवर्नेंस मानकों पर काफी ध्यान आकर्षित किया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक मर्जर के बाद के एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है.

भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक में एक इस्तीफ़े से बाज़ार में भारी गिरावट आ गई, जिससे कुछ ही घंटों में निवेशकों की 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ. अतानु चक्रवर्ती ने HDFC Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे नैतिक चिंताओं का हवाला दिया और कहा कि बैंक के कुछ तौर-तरीके उनके निजी मूल्यों से मेल नहीं खाते थे. इस खबर के बाद गुरुवार को बैंक के शेयर में करीब 9% की भारी गिरावट आ गई. चक्रवर्ती ने जोर देकर कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है. उनके अनुसार, बैंक में किसी भी गलत काम की ओर इशारा नहीं कर रहा हूं. मेरी विचारधाराएं संगठन से मेल नहीं खाती थीं. बैंक ने बुधवार देर रात उनके इस्तीफे की जानकारी दी. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने लिखा कि पिछले दो सालों में हुई कुछ घटनाएं उनके निजी नैतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थीं. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके इस्तीफे की कोई और बड़ी वजह नहीं थी.

अतनु चक्रवर्ती कौन हैं?

चक्रवर्ती गुजरात कैडर के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उन्हें पब्लिक पॉलिसी और फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन में तीन दशकों से अधिक का एक्सपीरियंस है. उन्होंने वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दीं. इसके अलावा उन्होंने निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) में अहम भूमिकाएं निभाईं, जहां वे सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से करीब से जुड़े थे. सिविल सेवाओं से रिटायर होने के बाद अतनु चक्रवर्ती ने कॉर्पोरेट सेक्टर में कदम रखा. उन्होंने विभिन्न बोर्ड-स्तरीय पदों पर काम करते हुए पॉलिसी और रेगुलेटरी अनुभव की अपनी गहरी समझ का इस्तेमाल किया.

HDFC बैंक में भूमिका

यह ध्यान देने लायक है कि वे मई 2021 में HDFC बैंक के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के तौर पर शामिल हुए थे. इसके बाद उन्हें बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया. उनका कार्यकाल बैंक के लिए एक ऐतिहासिक दौर साबित हुआ, जिसमें खास तौर पर HDFC Ltd. के साथ उसका मर्जर शामिल है. अपने इस्तीफे के पत्र में चक्रवर्ती ने इस मर्जर को एक बेहद अहम घटना बताया. उन्होंने कहा कि इस मर्जर ने बैंक के तहत एक विशाल समूह खड़ा कर दिया है. लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि इस मर्जर के पूरे फायदे अभी मिलने बाकी हैं.

आरबीआई को नजर रखनी चाहिए

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज के चीफ एग्जीक्यूटिव अमित टंडन ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि RBI को इस मामले पर पूरी नज़र रखनी चाहिए. क्योंकि, HDFC बैंक एक सिस्टम के लिहाज़ से अहम बैंक है. चूंकि RBI ने उनकी जगह ग्रुप के ही एक अंदरूनी व्यक्ति केकी मिस्त्री को नियुक्त किया है, इसलिए शेयरहोल्डर्स के लिए यह कम चिंता की बात हो सकती है. कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने भी इस पर अपनी राय दी. इस बैंक के लिए गवर्नेंस के मानक ऐतिहासिक रूप से मज़बूत रहे हैं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम कुछ ऐसे पहलुओं को लेकर चिंता पैदा करता है जिनके बारे में हमारी जानकारी सीमित हो सकती है. स्टॉक मल्टीपल के नज़रिए से वे अहम हो सकते हैं.

MORE NEWS