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आसान शब्दों में समझें क्या होता है Uric Acid? जानें इसके कारण, लक्षण और आसान नियंत्रण के तरीके

Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ना केवल जोड़ों की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों और सिस्टम्स पर असर डाल सकता है. आइए आज हम इसको आसान भाषा में समझे.

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What is Uric Acid: आज के समय में यूरिक एसिड का बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. आधुनिक जीवनशैली, खान-पान और तनाव के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. यूरिक एसिड एक प्राकृतिक वेस्ट प्रोडक्ट है, जिसे शरीर सामान्यतः अपने आप बाहर निकाल देता है. लेकिन जब इसकी मात्रा नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तो यह गठिया, जोड़ों में सूजन, किडनी स्टोन, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
इसलिए यह जरूरी है कि हम समय रहते यूरिक एसिड के स्तर पर ध्यान दें और अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके इसे नियंत्रण में रखें. आइए समझते हैं कि यूरिक एसिड क्या है, यह शरीर में कैसे बढ़ता है, इसके बढ़ने से कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.

यूरिक एसिड क्या है? (What is Uric Acid)

यूरिक एसिड एक रासायनिक पदार्थ है, जो शरीर में प्यूरिन नामक तत्व के टूटने से बनता है. प्यूरिन शरीर में प्राकृतिक रूप से बनते हैं, लेकिन कई खाद्य पदार्थों में भी पाए जाते हैं. आमतौर पर यूरिक एसिड खून में पाया जाता है और किडनी के माध्यम से फिल्टर होकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है. लेकिन जब यह प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं होती, तो यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है. इस कारण शरीर में क्रिस्टल्स बनने लगते हैं, जो जोड़ों, किडनी और अन्य अंगों को प्रभावित करते हैं.

यूरिक एसिड का सामान्य स्तर

स्वस्थ रहने के लिए यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित होना बेहद जरूरी है. पुरुषों में सामान्य स्तर 2.5 – 7.0 mg/dL होता है और महिलाओं में 1.5 – 6.0 mg/dL इस प्रकार होता है. यदि इसका स्तर इन मानकों से अधिक हो जाए, तो इसे हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है, यानी हाई यूरिक एसिड.

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण (Causes of Uric Acid)

यूरिक एसिड का बढ़ना अक्सर इसके अधिक बनने या शरीर से कम निकलने के कारण होता है। प्रमुख कारण हैं:

1. किडनी की समस्या: किडनी ठीक से यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाती।

2. अन्य बीमारियां: थायरॉइड, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, प्सोरायसिस या कैंसर जैसी स्थिति।

3. दवाओं का सेवन: डाययूरेटिक्स, एस्पिरिन, या कीमोथेरेपी दवाओं का अधिक उपयोग।

4. आनुवंशिक कारण: परिवार में किसी को गाउट या हाई यूरिक एसिड की समस्या होना।

5. खान-पान: अधिक प्रोटीनयुक्त डाइट जैसे रेड मीट, मछली, अंगूर, बीयर, दालें, मशरूम, पालक।

6. जीवनशैली: शराब, मीठे ड्रिंक्स, फ्रुक्टोज युक्त चीजें, मोटापा, कम पानी पीना, तनाव और नींद की कमी।

विशेष रूप से जिन लोगों में मोटापा है, जो नियमित शराब का सेवन करते हैं या जिनके परिवार में गाउट का इतिहास है, उन्हें इस समस्या का ज्यादा खतरा रहता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के क्या है लक्षण? (Symptoms of Uric Acid)

यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक अधिक रहने पर शरीर पर गंभीर असर पड़ता है। इसके कुछ प्रमुख लक्षण और समस्याएं हैं:

1. गठिया: जोड़ों में सूजन और तेज दर्द। अक्सर पैर के अंगूठे, एड़ी, घुटनों, कलाई और उंगलियों में क्रिस्टल्स जमा हो जाते हैं।

2. किडनी स्टोन: यूरिक एसिड किडनी में जमा होकर पथरी बना सकता है। इसके लक्षणों में कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून आना शामिल है।

3. किडनी फेल्योर का खतरा: लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड रहने से किडनी का फंक्शन धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं।

4. हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर: रिसर्च में पाया गया है कि हाई यूरिक एसिड वाले लोगों में ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है।

5. मेटाबॉलिक सिंड्रोम: यूरिक एसिड का बढ़ा स्तर डायबिटीज़, मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है।

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपाय (How to control uric Acid)

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली और खान-पान में बदलाव बेहद जरूरी हैं:

  • पर्याप्त पानी पीना, ताकि यूरिक एसिड आसानी से बाहर निकल सके।
  • अधिक प्रोटीन और प्यूरिन युक्त भोजन जैसे रेड मीट, मछली, दालें और पालक का सेवन सीमित करना।
  • शराब और मीठे ड्रिंक्स से बचना।
  • नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना।
  • तनाव और नींद की कमी को दूर करना।
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाओं का सही उपयोग।

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