CBSE Board 12th Chemistry Paper: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) 17 फरवरी 2026 से कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा. केमिस्ट्री का पेपर 28 फरवरी 2026 को एक ही शिफ्ट में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा. परीक्षा नज़दीक आते ही छात्र अपनी तैयारी को लेकर गंभीर हो चुके हैं और बेहतर स्कोर के लिए सही गाइडेंस की तलाश में हैं.
केमिस्ट्री क्यों लगती है मुश्किल?
कक्षा 12वीं के कई छात्रों के लिए केमिस्ट्री सबसे चुनौतीपूर्ण विषयों में से एक मानी जाती है. इसकी वजह है कि यह तीन अलग-अलग शाखाओं फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री का मिश्रण है, जिनकी पढ़ाई का तरीका भी अलग-अलग होता है. इसके लिए इन तीनों के अंतर को समझ लेना ही बेहतर तैयारी की पहली सीढ़ी है.
सिलेबस और NCERT पर पूरा फोकस
तैयारी की शुरुआत सिलेबस और यूनिट वेटेज को अच्छी तरह समझने से करनी चाहिए. हाई-स्कोरिंग चैप्टर्स को प्राथमिकता देना जरूरी है, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि कोई टॉपिक छूटे नहीं. इस पूरी प्रक्रिया में NCERT की किताब सबसे अहम भूमिका निभाती है, जिसे लाइन-बाय-लाइन पढ़ना और समझना चाहिए.
फिजिकल केमिस्ट्री: प्रैक्टिस ही सफलता की कुंजी
फिजिकल केमिस्ट्री में गणितीय सवालों और लॉजिकल रीजनिंग का अहम रोल होता है. छात्रों को पहले सभी जरूरी फॉर्मूले याद करने चाहिए और फिर उनके डेरिवेशन को समझना चाहिए. रोज़ाना NCERT और एग्ज़ेम्प्लर से न्यूमेरिकल प्रॉब्लम्स हल करने से कॉन्सेप्ट मजबूत होते हैं. हर चैप्टर के लिए एक पेज की फॉर्मूला शीट और गलती शीट बनाना रिवीजन में काफी मददगार होता है.
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: रटने से ज़्यादा समझ जरूरी
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में रटने के बजाय पैटर्न और फंक्शनल ग्रुप्स के व्यवहार को समझना जरूरी है. नोमेनक्लेचर, तैयारी के तरीके, फिजिकल और केमिकल प्रॉपर्टीज़ पर फोकस करें. नाम वाली रिएक्शन, मैकेनिज़्म और रीजनिंग सवालों की अलग लिस्ट बनाएं. रिएक्शन रोडमैप तैयार करना और नियमित अभ्यास करना याददाश्त को मजबूत बनाता है.
इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: स्मार्ट याद करने की कला
इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में NCERT की टेबल, ग्राफ और डायग्राम बेहद महत्वपूर्ण हैं. महत्वपूर्ण यौगिकों की तैयारी और रेडॉक्स रिएक्शन को समझना चाहिए. लैंथेनॉइड, एक्टिनॉइड और कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री जैसे टॉपिक्स को कॉन्सेप्ट के साथ याद करें और एक्सेम्प्लर के सवालों का प्रैक्टिस जरूर करें.
रिवीजन, उत्तर प्रस्तुति और टाइम मैनेजमेंट
परीक्षा से पहले नए टॉपिक पढ़ने के बजाय रिवीजन और पिछले पांच साल के प्रश्नपत्र हल करने पर ध्यान दें. उत्तर लिखते समय कीवर्ड और फॉर्मूले साफ़ तौर पर अंडरलाइन करें, यूनिट जरूर लिखें और उत्तरों के बीच उचित स्पेस छोड़ें. समय का सही बंटवारा और शांत मन से परीक्षा देना अच्छे प्रदर्शन की सबसे बड़ी कुंजी है.
लगातार प्रैक्टिस, स्मार्ट रिवीजन और संतुलित रणनीति के साथ केमिस्ट्री में अच्छे अंक हासिल करना पूरी तरह संभव है.