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सड़क पर नफरत का ‘स्प्रे’: महिलाओं ने क्यों लिखा ‘मुसलमानों का आना मना है’, क्या अब धर्म देखकर तय होंगे रास्ते?

Hate Speech On Road: यह घटना केवल एक सड़क का मामला नहीं, बल्कि हमारे देश के सेकुलर स्ट्रक्चर धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर हमला है, कुछ महिलाओं द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर किसी विशेष समुदाय के प्रवेश को प्रतिबंधित करने वाले नारे लिखना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A और 295A धर्म के आधार पर नफरत फैलाना के तहत दंडनीय अपराध है, प्रशासन और पुलिस विभाग को इस हेट क्राइम पर तुरंत सख्त एक्शन लेने की जरूरत है अगर समय रहते इन 'नफरतियों' की पहचान कर उन्हें सजा नहीं दी गई, तो यह अन्य इलाकों में भी वायलेंस और टेंशन का कारण बन सकता है, समाज के जागरूक नागरिकों का मानना है कि नफरत की इस दीवार को कानून की ताकत से गिराना होगा, पुलिस को उन महिलाओं की पहचान कर उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज करना चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए कि 'सड़क' सबकी है और नफरत के लिए यहां कोई जगह नहीं है.


सोशल मीडिया पर एक शॉकिंग वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें कुछ महिलाएं सड़क पर स्प्रे पेंट से नफरत फैलाने वाले नारे लिखती नजर आ रही हैं, उन्होंने सड़क पर साफ तौर पर लिखा कि “मुसलमानों का आना मना है”, यह घटना कम्युनल हार्मनी सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली है और समाज के पीस और सिक्योरिटी के लिए एक बड़ा खतरा है, इंटरनेट पर लोग इस टॉक्सिक बिहेवियर को देखकर दंग हैं और पूछ रहे हैं कि क्या अब हमारे सार्वजनिक स्थानों पर भी नफरत का कब्जा होगा? प्रशासन के लिए यह एक बड़ा चैलेंज है क्योंकि यह सीधे तौर पर समाज को बांटने की कोशिश है, कानून के मुताबिक, किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ इस तरह का भेदभाव फैलाना एक सीरियस क्राइम है.

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सोशल मीडिया पर एक शॉकिंग वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें कुछ महिलाएं सड़क पर स्प्रे पेंट से नफरत फैलाने वाले नारे लिखती नजर आ रही हैं, उन्होंने सड़क पर साफ तौर पर लिखा कि “मुसलमानों का आना मना है”, यह घटना कम्युनल हार्मनी सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली है और समाज के पीस और सिक्योरिटी के लिए एक बड़ा खतरा है, इंटरनेट पर लोग इस टॉक्सिक बिहेवियर को देखकर दंग हैं और पूछ रहे हैं कि क्या अब हमारे सार्वजनिक स्थानों पर भी नफरत का कब्जा होगा? प्रशासन के लिए यह एक बड़ा चैलेंज है क्योंकि यह सीधे तौर पर समाज को बांटने की कोशिश है, कानून के मुताबिक, किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ इस तरह का भेदभाव फैलाना एक सीरियस क्राइम है.

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