मुंबई में एक दिल दहला देने वाली घटना ने समाज को झकझोर दिया है. एक पिता ने अपनी ही बेटी, जोकि बोलने और सुनने में अक्षम है, के साथ दुष्कर्म किया. पिता ने अपनी ही बेटी को गर्भवती कर दिया, जिसकी जानकारी डीएनए टेस्ट से पता चली. यह मामला दक्षिण मुंबई के कफ परेड इलाके से जुड़ा है, जहां 20 वर्षीय दिव्यांग युवती अपने पिता की हैवानियत का शिकार बन गयी है.
पीड़िता बोलने में असमर्थ होने की वजह से अपने साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा पा रही थी, जिसका फायदा उसके पिता ने उठाया था.
पीड़िता और घटना का विवरण
पीड़िता एक 20 वर्षीय युवती है, जो सुनने-संबलने में असमर्थ (डेफ एंड म्यूट) और मानसिक रूप से दिव्यांग है. उसने अपनी दादी से बताया कि उसे पेट में अजीब-सा लग रहा है. जब डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि वह 5 महीने की गर्भवती है. शुरुआत में पुलिस को मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन मेडिकल जांच के दौरान गर्भावस्था का खुलासा हुआ. पीड़िता अपनी विकलांगता के कारण स्पष्ट बयान नहीं दे पाई, इसलिए काउंसलिंग के जरिए उसकी बात सामने आई. उसने अज्ञात व्यक्तियों पर आरोप लगाया, लेकिन जांच आगे बढ़ी. जांच के अनुसार अपराध 21 मार्च से 21 सितंबर 2025 के बीच हुआ था.
डीएनए टेस्ट से हुआ खुलासा
पुलिस ने पीड़िता के पिता (50 वर्षीय व्यक्ति) को संदिग्ध मानकर डीएनए टेस्ट कराया. रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का डीएनए आरोपी पिता से मेल खाता है. इससे साबित हो गया कि पिता ने ही बेटी का यौन शोषण किया है. आरोपी ने शुरुआत में इनकार किया और परिवार की ओर से कोई शिकायत न करने की बात कही, लेकिन पुख्ता सबूतों की वजह से आरोपी गिरफ्त में आ गया. अपराध का पता चलने के बाद कफ परेड पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
कफ परेड पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें ऐसी महिला से दुष्कर्म (जो सहमति देने में असमर्थ हो) और दिव्यांग व्यक्ति के यौन शोषण से जुड़ी धाराएं शामिल हैं
यह घटना समाज में व्याप्त विकृत मानसिकता और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करती है. जब लड़कियां और बच्चे अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो स्वस्थ समाज की स्थापना कैसे हो सकती है?