Head smashed, brain dead: दिल्ली पुलिस में तैनात सोनीपत की बेटी, लेडी कमांडो काजल की हत्या के मामले ने पूरे राज्य को हैरान कर दिया है. हत्याकांड के बाद लोगों में जमकर आक्रोश देखने को मिल रहा है. पति अंकुर ने 22 जनवरी 2026 की रात काजल को मौत के घाट उतार दिया. दरअसल यह सिर्फ घरेलू हिंसा का मामला नहीं है, बल्कि इसमें दहेज समेत कई गहरे आपराधिक राज छिपे हैं. मृतिका काजल उस समय 5 महीने की गर्भवती थी.
प्यार से लेकर हत्या तक का सफर
हरियाणा के पानीपत के आर्य कॉलेज से काजल और अंकुर की प्रेम कहानी की खूबसूरत शुरुआत हुई थी. लेकिन, किसे पता था कि उन्हें प्यार करने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी. जहां, काजल ने अपनी जिद पर परिवारों को मनाकर 2023 में ‘लव कम अरेंज’ मैरिज कर अपनी खुशहाल जिंदगी जी रही थीं. काजल दिल्ली पुलिस में कमांडो थी, जबकि अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर काम करता था. लेकिन, शादी के कुछ महीने बाद ही काजल के काले रंग को लेकर ताने और दहेज की बढ़ती मांगों ने रिश्तों में दरार डालनी शुरू कर दी.
परिजनों ने आरोपी पर लगाए गंभीर आरोप
मृतिका के परिजनों ने हत्यारे अंकित पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसमें परिजानों का कहना है कि आरोप अंकुर पेपर लीक जैसे अवैध कार्यों में शामिल था. इसके साथ ही काजल को उसके इन ‘काले कारनामों’ की भनक भी नहीं थी और विवाद होने पर वह पुलिस में शिकायत की बात कहती थी, जिससे अंकुर पूरी तरह से डरा हुआ था.
काजल की मां ने किया हत्या का खुलासा
मृतिका काजल की मां मीना ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि काजल की जिस वक्त हत्या की गई, वह केवल 4 महीने की गर्भवती थी और बड़ी बेसब्री से अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करना चा रही थी. इसके अलावा उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि, इससे पहले काजल का एक बेटा है जो साल 2024 में हुआ था. अंकुर ने सिर्फ अपनी पत्नी को ही नहीं मारा बल्कि दुनिया में आने का इंतजार कर रहे अजन्मे बच्चे की भी निर्मम हत्या कर दी. काजल की मौत के साथ ही उनका बच्चा भी खत्म हो गया.
इसके अलावा काजल की मां ने आगे बताया कि शादी के 15 दिन के बाद ही उससे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. ससुराल पक्ष के लोग लगातार उसपर गाड़ी और पैसों की भारी डिमांड करते थे. मानसिक रूप से परेशान करने के बाद हिंसा शारीरिक रूप लेने लगई थी.
क्या अंकुर की मांगों को पूरा करती थी काजल?
काजल के परिजनों के मुताबिक, उनकी बेटी 45 हजार रुपये महीना कमाती थी, लेकिन उसकी पूरी सैलरी लोन की किस्तों और अंकुर की मांगों को पूरा करने में ही चली जाती थी. इतना ही नहीं काजल ने शादी के लिए लिए गए 10 लाख के लोन में से 5 लाख अंकुर को दिए थे. तो वहीं, हत्या वाले दिन, आरोपी ने अपने भाई की शादी के लिए 15 लाख की ज्वेलरी खरीदी थी और छोटे भाई को पैसे ट्रांसफर किए थे, जिसका काजल ने जमकर विरोध भी किया था. वारदात के बाद आरोपी ने काजल के भाई को फोन पर कहा था कि “मेरे से यह मर गई है, आकर अपनी बहन की लाश ले जाओ”.
राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
बुधवार, 29 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने अपनी बहादुर कमांडो काजल का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर आखिरी विदाई दी. जिस बेटी को पिता ने मेहनत-मजदूरी कर कमांडो बनाया था, उसका अंत इतना भयावह होगा इसके बारे में किसी ने भी नहीं सोचा था. तो वहीं, इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.