EV Car Charging Tips: भारत में पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. सरकार द्वारा भी इसे लिए जाने पर सब्सिडी ऑफर की जाती है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद ज्यादा हो सके.पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से परेशान होकर लोग इलेक्ट्रिक कारें ले तो लेते हैं लेकिन, कई बार यह नहीं समझ पाते हैं कि आखिर इन कारों को चार्ज कहां करना चाहिए. कुछ लोग इसे घर पर चार्ज करते हैं तो कुछ लोग पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर भी इन्हें चार्ज करते हैं.
आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक (EV) कारों को कहां चार्ज करना फायदेमंद रहेगा. इस बारे में हम आज विस्तार से आपको बताएंगे. चलिए जानते हैं EV कारों को कहां चार्ज करना किफायती रहेगा.
चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज करना कितना किफायती?
देखा जाए तो हर इलेक्ट्रिक कार की बैटरी अलग होती है और हर चार्जिंग स्टेशन का किलोवाट भी अलग-अलग होता है. लेकिन, अगर उदाहरण के तौर पर आप 50 किलोवाट के डीसी फास्ट चार्जर से अपनी ईवी कार को चार्ज करते हैं तो इससे एक घंटे में 40 से 50 यूनिट बिजली का इस्तेमाल होगा. जिसका खर्च आमतौर पर 600 से 800 रुपये के बीच आ सकता है. वहीं, एक घंटे की चार्जिंग में आपकी कार फुल चार्ज भी नहीं होगा. इसके अलावा सर्विस स्टेशन पर चार्जिंग को लेकर जीएसटी और सर्विस चार्ज भी लगाया जाता है.
घर पर चार्ज करना कितना सही?
अगर आप घर पर ईवी कार को चार्ज करते हैं तो जाहिर सी बात है कि इसके लिए आपको कम डीसी का चार्जर इस्तेमाल करना होगा. अगर आप 7.2 किलोवाट का चार्जर का इस्तेमाल करके कार को चार्ज करते हैं तो ऐसे में एक घंटे में आपकी बिजली की खपत मात्र 8 यूनिट हो रही है. अगर आपके घर के बिजली का बिल 8 या 10 रुपये भी है तो आप 80 से लेकर 100 रुपये के बीच में आराम से कार को चार्ज कर सकते हैं.
कौन सी चार्जिंग ज्यादा अच्छी?
पैसे की बचत के लिहाज से आपके लिए अपने ईवी वाहन को घर पर चार्ज करना किफायती रहेगा. घर पर आपके बिजली का बिल कम आएगा. वहीं, अगर आप सर्विस स्टेशन पर कार चार्ज करते हैं तो ऐसे में डीसी चार्जर लेना पड़ेगा, जोकि मंहगा आत है और बिजली की खपत भी ज्यादा होगी.