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Fake Jeera Alert: बाजार में नकली मसालों का भंडाफोड़ होने के बाद, अब मध्य प्रदेश में मसाले में मिलावट का एक और परेशान करने वाला केस मिला है. ग्वालियर में, जिसे लोग जीरा समझ रहे थे, वह असल में सीमेंट, केमिकल, रंग और आर्टिफिशियल खुशबू से लेपित सौंफ के बीज मिले हैं. देश के कई हिस्सों में नकली मसालों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. इसमें सौंफ को सीमेंट और केमिकल से लेपित कर ‘जीरा’ बताकर बेचने का मामला भी सामने आया है. ऐसी समस्याओं ने एक गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है.
कैसे बनाया जाता था नकली जीरा
शिकायत के बाद ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में खलबली मच गई. आरोप के अनुसार बाजार में नकली जीरा सप्लाई हो रहा था. पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी असली जीरा बिल्कुल नहीं बेच रहे थे. इसके बदले सौंफ के बीजों को केमिकल से ट्रीट करने के बाद, सीमेंट की कोटिंग की जाती थी, रंगाई का काम किया जाता था और बाद में पॉलिश करने के बाद उन्हें जीरे जैसा दिखने के लिए बनाया जाता था. कई मामलों में, काफी पुराने जीरों और खराब जीरे का भी केमिकल प्रोसेस से प्रयोग किया जाता था, ताकी खराब को बेचने लायक बनाया जा सके.
क्या है मामला?
ग्वालियर में नकली जीरा की शिकायत मिलने के बाद, सनसनी फैल गई. यहां असली कंपनी के पैकेट में नकली माल का सप्लाई चल रहा था. यह सप्लाई गुजरात के जीरा ब्रांड प्रसिद्ध शिवपुजारी ब्रांड के नाम पर हो रहा था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 बोरी नकली जीरा को जब्त किया है.
एक्सपर्ट ने क्या कहा
वेशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी चीजों से मध्य प्रदेश के बहुत से लोगों ने अपनी जान गवां दी है. पहले सीरप, फिर पानी जैसे कई और चीज शामिल है,और अब जीरा. एकस्पर्ट बताते हैं कि यदि इस जीरे का सेवन किया जाता तो यह आंतो में जाकर जम जाता और ज्यादा समय तक यदि आप इसका सेवन करते तो सीमेंट जाकर आंतो में इकट्ठा हो जाता और इससे पथरी, किडनी फेल, संक्रमण जैसी कई और समस्याएं भी हो सकती थी.