Free Trade Agreements: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सभी एनडीए सांसदों ने अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि भारत की अमेरिका समेत दुनिया के 39 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो चुके हैं और पिछले सप्ताह ही भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ भी अहम व्यापार समझौता किया है.किरेन रिजिजू के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में एनडीए सांसदों से कहा कि एनडीए लगातार सभी राज्यों में चुनाव जीत रहा है, लेकिन इसके बावजूद सांसदों को चुप नहीं बैठना है और जनता की भलाई के लिए लगातार काम करते रहना है.
राहुल गांधी को लेकर कही ये बात
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस को लेकर किरेन रिजिजू ने कहा कि कल बहस अच्छी तरह शुरू हुई थी, लेकिन राहुल गांधी ने उस बहस को खराब कर दिया.उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हों या कोई भी नेता, सभी को लोकसभा स्पीकर के फैसलों और नियमों का पालन करना चाहिए.
#WATCH | Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “Discussion is ongoing on the President’s Address…It began well in Lok Sabha. But just because of Rahul Gandhi, the entire debate yesterday was disrupted…There was a good debate in Rajya Sabha too…It is not good… pic.twitter.com/Be8SRIUGVe
— ANI (@ANI) February 3, 2026
एक ही साल में पांच बड़े ट्रेड एग्रीमेंट
2 फरवरी 2026 को अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील के साथ भारत ने एक ही साल में पांच बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पूरे कर लिए हैं. अमेरिका, यूरोपियन यूनियन (EU), यूनाइटेड किंगडम (UK), ओमान और न्यूज़ीलैंड जैसे देशों के साथ मिलकर भारत ने ग्लोबल ट्रेड में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह दिखाई है.
इन देशों के साथ चल रही है ट्रेड डील पर बातचीत
भारत अभी पेरू, चिली, इज़राइल और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ भी ट्रेड डील पर बातचीत कर रहा है. नॉर्थ अमेरिका से लेकर गल्फ और पैसिफिक इलाकों तक फैले ट्रेड एग्रीमेंट का यह नेटवर्क, भारत को ग्लोबल ट्रेड के उतार-चढ़ाव से बचाने वाला कवच देता है.
हर कोई इंडिया के साथ ट्रेड क्यों करना चाहता है?
हर देश की इंडिया से जुड़ने की चाहत के पीछे कई मजबूत वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह है स्टेबिलिटी और ग्रोथ. जहां दुनिया की बड़ी इकॉनमी मंदी या अनिश्चितता से जूझ रही हैं, वहीं इंडिया 7% की रेट से बढ़ रहा है. इंडिया का बड़ा मार्केट और बड़ा मिडिल क्लास दुनिया की हर बड़ी कंपनी के लिए सबसे आकर्षक कंज्यूमर बेस है. ग्लोबल कंपनियां अब अपनी मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन के विकल्प ढूंढ रही हैं और इंडिया अपनी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के जरिए उन्हें सबसे अच्छा मौका दे रहा है. इंडिया की डिजिटल इकॉनमी और दुनिया का सबसे युवा वर्कफोर्स भी पूरी दुनिया को अपनी ओर खींच रहा है.