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UPSC IAS Story: यूपीएससी में 43वीं रैंक, BITS Pilani से BE, M.Sc, अब पकड़ा 1,464 करोड़ का GST फर्जीवाड़ा

UPSC IAS Story: इंजीनियरिंग के बाद देश सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए कर्नाटक कैडर के 2021 बैच के IAS कनिष्क शर्मा प्रेरणा हैं, जिन्होंने शानदार रैंक और बेहतरीन कार्यों से पहचान बनाई.

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UPSC IAS Story: भारत में अक्सर देखा जाता है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई युवा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की ओर रुख करते हैं. कठिन मेहनत और सही दिशा मिलने पर कुछ उम्मीदवार इसमें शानदार सफलता भी हासिल करते हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है कर्नाटक कैडर के 2021 बैच के आईएएस अधिकारी कनिष्क शर्मा (IAS Kanishk Sharma) की, जिन्होंने न सिर्फ परीक्षा में बेहतरीन रैंक हासिल की, बल्कि अपने काम से भी देशभर में पहचान बनाई.

शुरुआती पढ़ाई से इंजीनियरिंग तक का सफर

कनिष्क शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर के प्रतिष्ठित लोयला स्कूल से पूरी की. पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहे कनिष्क ने आगे चलकर देश के शीर्ष शिक्षण संस्थान बिट्स पिलानी से बीई और एमएससी की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उनके पास कॉरपोरेट सेक्टर में बेहतर करियर के विकल्प थे, लेकिन उन्होंने देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाया.

यूपीएससी में सफलता और 43वीं रैंक

कॉरपोरेट दुनिया की चमक-दमक छोड़कर कनिष्क ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. लगातार मेहनत, स्पष्ट रणनीति और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस कठिन परीक्षा में 43वीं रैंक हासिल की. उनकी सफलता यह साबित करती है कि धैर्य और अनुशासन के साथ कोई भी बड़ा सपना पूरा किया जा सकता है.

मजबूत पारिवारिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि

कनिष्क शर्मा के पिता प्रभात शर्मा टाटा स्टील में एक अहम पद पर कार्यरत रह चुके हैं. प्रशासनिक सेवा उनके परिवार के लिए नई नहीं है. उनके चचेरे भाई करण सत्यार्थी झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि उनके चाचा पंजाब कैडर में पीसीसी के पद पर कार्यरत हैं. इस पारिवारिक माहौल ने कनिष्क को प्रेरणा और सही मार्गदर्शन दिया.

GST फ्रॉड पर ऐतिहासिक कार्रवाई

वर्तमान में कनिष्क शर्मा कर्नाटक कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट में एडिशनल कमिश्नर (एनफोर्समेंट, साउथ ज़ोन) के रूप में कार्यरत हैं और एनफोर्समेंट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में कर्नाटक और तमिलनाडु में फैले 1,464 करोड़ रुपये के बड़े इंटर-स्टेट फर्जी इनवॉइस रैकेट का खुलासा हुआ. इस गिरोह ने बिना किसी सामान की आवाजाही के करीब 355 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से हासिल किया था.

टेक्नोलॉजी से पकड़ी गई धोखाधड़ी

इस घोटाले का खुलासा एडवांस्ड GST एनालिटिक्स, नॉन-जेनुइन टैक्सपेयर मॉड्यूल और IP एड्रेस ट्रैकिंग जैसे आधुनिक टूल्स के जरिए हुआ. जांच में फर्जी दस्तावेज, शेल कंपनियां और जानबूझकर रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसे कई गंभीर तथ्य सामने आए.

सम्मान और जनसेवा की पहचान

इस उल्लेखनीय कार्य के लिए कनिष्क शर्मा को बेंगलुरु में आयोजित समारोह में रेवेन्यू मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा द्वारा बेस्ट रेवेन्यू ऑफिसर ऑफ द ईयर 2024 पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इससे पहले वे कारवार में असिस्टेंट कमिश्नर और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने भूमि रिकॉर्ड सुधार और जन-शिकायत निवारण में अहम भूमिका निभाई.

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