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Kainchi Dham: नीम करौली बाबा का इन 3 जगहों से है खास रिश्ता, दर्शन से मिलता है कैंची धाम जितना ही पुण्य

Kainchi Dham: उत्तराखंड की पवित्र धरती सदियों से आस्था और अध्यात्म का सेंटर रही है. कैंची धाम यहां की सबसे मशहूर जगहों में से एक है. यह बाबा नीम करोली महाराज की तपस्थली है. कैंची धाम के अलावा, नैनीताल में बाबा के कई और मंदिर भी हैं. आइए उनके बारे में जानते हैं.

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Neem Karoli Baba: बाबा नीम करोली महाराज को बजरंगबली का अवतार माना जाता है. दुनिया भर में उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. मार्क जकरबर्ग, हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स और क्रिकेटर विराट कोहली जैसी मशहूर हस्तियां भी उनकी भक्ति करती हैं. बाबा का मुख्य मंदिर नैनीताल जिले में कैंची धाम है, जहां भक्त उनका आशीर्वाद लेते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं.

नीम करोली बाबा का मुख्य मंदिर

नैनीताल में भवाली-अल्मोड़ा रोड पर स्थित कैंची धाम, बाबा नीम करोली का मुख्य और मशहूर मंदिर है. हर साल 15 जून को यहां एक बड़ा भोज होता है, जिसमें हजारों भक्त शामिल होते हैं. यह वह जगह है जहां बाबा ने अपने कई चमत्कार किए थे. बाबा की मूर्ति और हनुमानजी की मौजूदगी को देखकर हमेशा भक्ति, शांति और पॉजिटिव एनर्जी का एहसास होता है.

हनुमानगढ़ी धाम

नैनीताल शहर से करीब 2 किलोमीटर दूर मनोरा पहाड़ी पर बना हनुमानगढ़ी धाम, बाबा नीम करोली की कृपा का प्रतीक है. बाबा ने 1953 में यहां हनुमान की एक बहुत बड़ी मूर्ति स्थापित की थी. यह जगह सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए मशहूर है. भक्तों का मानना है कि इस जगह की भक्ति और सुंदरता आत्मा को शांत करती है और मन को तरोताजा कर देती है.

भूमियाधार धाम

नैनीताल से करीब 12 किलोमीटर दूर भवाली-ज्योलीकोट रोड पर बना भूमियाधार धाम, बाबा की पसंदीदा जगहों में से एक था. बाबा अक्सर यहां ध्यान लगाते और भजन गाते थे. स्थानीय लोगों ने इस आश्रम को बनाने के लिए श्रद्धा से अपनी ज़मीन दान कर दी थी. हरे-भरे जंगलों के बीच बना यह स्थान ध्यान, आध्यात्मिक साधना करने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत और दिव्य अनुभव देता है.

काकरीघाट आश्रम

भवाली से 30 किलोमीटर दूर अल्मोड़ा रोड पर बना काकरीघाट आश्रम आध्यात्मिकता का एक अद्भुत केंद्र है. बाबा नीम करोली ने यहां एक शिवलिंग स्थापित किया था, और संत सोमवारी महाराज ने ध्यान किया था. यह वह जगह भी है जहां स्वामी विवेकानंद ने ध्यान किया था. एक शांत नदी के किनारे बसा यह आश्रम आज भी साधकों और भक्तों को आध्यात्मिक शांति देता है.

चारों जगहें हैं पवित्र

कैंची धाम, हनुमानगढ़ी, भूमियाधार और काकरीघाट बाबा नीम करोली महाराज की पूजा की चार पवित्र जगहें मानी जाती हैं. हर एक का अपना महत्व है. भक्तों का मानना है कि इन चारों जगहों पर जाने से जीवन में पॉजिटिविटी, सफलता और शांति आती है. कहा जाता है कि जिसे बाबा का आशीर्वाद मिलता है, उसका जीवन रोशनी से भर जाता है.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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