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हाईवे पर लेन बदलना पड़ेगा भारी! अभी तक लाखों का वसूला जुर्माना

Gurugram News: हाईवे पर लेन बदलने वालों की अब खैर नहीं है, ट्रैफिक पुलिस ने अभी तक लाखओं का जुर्माना वसूला है.

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Challan on Highway Lane Change: हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में तेज़ रफ्तार और बार-बार लेन बदलना अब वाहन चालकों को भारी पड़ रहा है. हाईवे पर अनियंत्रित और अव्यवस्थित ड्राइविंग रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने सख़्ती बढ़ा दी है. अब हाईवे पर लगे अत्याधुनिक ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे और ड्रोन लगातार निगरानी कर रहे हैं. इनकी मदद से लेन बदलने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ बड़ी संख्या में चालान काटे जा रहे हैं.

2024 का रिकॉर्ड भी टूटा

पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. राजेश मोहन के निर्देश पर यह विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है. केवल इस साल जनवरी से अब तक लेन चेंज उल्लंघन के 44,277 मामलों में चालान किए जा चुके हैं. वहीं, जुलाई से सितंबर के बीच केवल NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों से ही 13,030 वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया गया. वर्ष 2024 में कुल 61,780 वाहन चालकों पर लेन-ड्राइविंग नियम तोड़ने पर कार्रवाई की गई थी. इस बार आंकड़े और भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि पुलिस निगरानी और सख़्ती दोनों को नए स्तर पर ले गई है.

एक हफ्ते में 18,290 चालान

सड़क सुरक्षा और अनुशासन लाने के लिए 22 से 28 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान 18,290 वाहन चालकों को नियम तोड़ने पर चालान भुगतना पड़ा. इनमें रॉन्ग साइड ड्राइविंग 2,309 मामले, रोड मार्किंग उल्लंघन  1,441 मामले, पिलियन राइडर बिना हेल्मेट 1,302 मामले, बिना सीट बेल्ट 1,345 मामले, बिना हेल्मेट चालक  1,081 मामले, ड्रंकन ड्राइविंग  467 मामले, रॉन्ग पार्किंग – 972 मामले, खतरनाक यू-टर्न 372 मामले, ट्रिपल राइडिंग 278 मामले, ओवर स्पीडिंग  237 मामले, मोबाइल का इस्तेमाल  158 मामले, लाल-नीली बत्ती का दुरुपयोग  7 मामले, ध्वनि प्रदूषण – 99 मामले और लेन चेंज उल्लंघन  1,652 मामले शामिल रहे. इन सभी चालानों से वसूली गई कुल जुर्माना राशि 2 करोड़ 39 लाख 35 हज़ार 800 रुपये रही.

पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से भी जुड़ा हुआ है. स्लोगन “चालान नहीं, सलाम मिलेगा” के तहत लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षित और अनुशासित ड्राइविंग से न केवल दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी.

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