कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक है. क्योंकि, इनमें मौजूद हाई शुगर, फास्फोरिक एसिड और कैफीन मोटापा, डायबिटीज, कमजोर हड्डियां, पाचन समस्याएं और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इतना सब जानते हुए भी लोग धड़ल्ले से इसका सेवन करते हैं. गर्मियों के अलावा, लोग सर्दियों में भी इनका सेवन करते हैं. अगर आप भी ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें. इसकी अनदेखी करने से आप दांतों की सेहत खराब कर लेंगे. इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट कोल्ड ड्रिंक्स को हमेशा स्ट्रॉ से ही पीने की सलाह देते हैं. अब सवाल है कि आखिर कोल्ड ड्रिंक्स को स्ट्रॉ से ही क्यों पीना चाहिए? बोतल से सीधे पीने पर क्या होता है? ठंडे पेय पदार्थों को सीधा पीने से दांतों पर क्या असर पड़ेगा? इस बारे में India News को बता रही हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज की वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका यादव-
सट्रॉ से कोल्ड ड्रिंक्स क्यों पीना चाहिए?
एक्सपर्ट के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक्स को स्ट्रॉ (straw) से पीना दांतों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए बेहतर माना जाता है. बता दें कि, स्ट्रॉ का उपयोग करने से कोल्ड ड्रिंक में मौजूद हानिकारक एसिड और चीनी का सीधे दांतों के इनेमल से संपर्क कम हो जाता है. ऐसा होने सेदांतों में सड़न, सेंसिटिविटी और दाग लगने का भी खतरा काफी कम हो जाता है. वहीं, कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कृत्रिम रंग और एसिड दांतों को गंदा कर सकते हैं. लेकिन, जब स्ट्रॉ का उपयोग करेंगे तो दांतों पर दाग या रंग बदलने की संभावना काफी कम हो सकती है.
सीधे बोतल से कोल्डड्रिंक पीने के नुकसान?
सेंसिटिविटी, कैविटीज और पीलेपन की समस्या: डॉक्टर के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक्स का सीधे सेवन दांतों की सेहत के लिए ठीक नहीं है. बता दें कि, जब हम कोल्ड ड्रिंक्स सीधे बोतल या ग्लास से पीते हैं, तो उसमें मौजूद कार्बोनिक एसिड (carbonic acid) और फॉस्फोरिक एसिड (phosphoric acid) सीधे हमारे दांतों के संपर्क में आते हैं. जब ये एसिड धीरे-धीरे दांत की बाहरी परत यानी enamel को कमजोर करते हैं. ऐसा होने से दांतों की सेंसिटिविटी (tooth sensitivity), कैविटीज (cavities) और दांतों में पीलापन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
कोल्ड ड्रिंक्स स्ट्रॉ से पीने पर क्या होगा?
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, स्ट्रॉ से पीने पर कोल्ड ड्रिंक मुंह के बीच से सीधे थ्रोट (throat) की तरफ चली जाती है. ऐसा होने से दांतों का कोल्ड ड्रिंक से संपर्क काफी हद तक कम हो जाता है. इसका मतलब कि, एसिड का प्रभाव दांतों पर कम पड़ता है. इसके अलावा, कोल्ड ड्रिंक सीधे मुंह में जाने से ब्रेन फ्रीज brain freeze ((जिसे स्फेनोपैलेटाइन गैंग्लियोन्यूरलजिया भी कहते हैं) और थ्रोट इरिटेशन (गले में खराश या जलन) का जोखिम भी बढ़ जाता है. लेकिन, जब स्ट्रॉ का यूज करेंगे तो इसका जोखिम कम होगा.