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IAS Success Story: JEE, UPSC में टॉपर, IIT से पढ़कर बनीं IAS Officer, अब मिली ये अहम जिम्मेदारी

JEE UPSC IAS Success Story: भारत में यूपीएससी केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है. भावना गर्ग ने JEE और फिर IAS में टॉप कर साबित किया था कि मेहनत से हर मुकाम हासिल हो सकता है.

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JEE UPSC IAS Success Story: यूपीएससी की नौकरी (Sarkari Naukri) भारत में सिर्फ़ एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि सेवा, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी का प्रतीक मानी जाती है. यही वजह है कि कई लोग अच्छी-खासी निजी नौकरियां छोड़कर इस परीक्षा की तैयारी करते हैं. इन्हीं असाधारण व्यक्तित्वों में एक नाम है भावना गर्ग, जिन्होंने न केवल JEE में टॉप रैंक हासिल की, बल्कि बाद में IAS परीक्षा में भी टॉप कर देशभर में मिसाल कायम की.

IIT और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई 

भावना गर्ग की अकादमिक यात्रा शुरू से ही असाधारण रही है. उन्होंने IIT कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई की, जो अपने आप में उनकी बौद्धिक क्षमता और अनुशासन को दर्शाता है. इसके बाद उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (USA) से पब्लिक पॉलिसी में MPA कर अपने दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर और व्यापक बनाया. तकनीकी शिक्षा और नीति-निर्माण का यह अनोखा मेल उनके प्रशासनिक फैसलों में साफ दिखाई देता है.

IAS के रूप में प्रभावशाली करियर

भावना गर्ग 1999 बैच की पंजाब कैडर की सीनियर IAS अधिकारी हैं. अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. हाल ही में पंजाब सरकार ने उन्हें राज्य के जेल विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया है. उन्होंने IAS अधिकारी जसप्रीत तलवार का स्थान लिया, जो इस पद को अतिरिक्त प्रभार के रूप में संभाल रही थीं. यह नियुक्ति प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

UIDAI में केंद्रीय भूमिका

भावना गर्ग वर्तमान में केंद्र सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत UIDAI में उप महानिदेशक (DDG) के रूप में कार्यरत हैं. चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में रहते हुए उन्होंने उत्तर भारत में आधार से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने और तकनीकी ढांचे को मज़बूत करने में अहम योगदान दिया है. उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए भारत सरकार ने उनके केंद्रीय डेपुटेशन कार्यकाल को एक बार फिर बढ़ा दिया है, ताकि UIDAI की चल रही पहलों में निरंतरता बनी रहे.

नेतृत्व, अनुभव और जिम्मेदारी का संतुलन

भावना गर्ग का करियर यह दिखाता है कि सफलता केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जिम्मेदारियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाने में होती है. अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों भाषाओं में दक्ष भावना गर्ग एक ऐसी अधिकारी हैं, जो नीति, तकनीक और ज़मीनी हकीकत तीनों को संतुलित रूप से समझती हैं.

JEE और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं में टॉप करना आसान नहीं, लेकिन भावना गर्ग की कहानी यह सिखाती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और सेवा की भावना से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है. 

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