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करनाल में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतें, गुरुग्राम को भी पीछे छोड़ा, कौन है ज़मीन के खेल का मास्टरमाइंड ? गरीबों का घर खरीदना हुआ मुश्किल

करनाल में पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि प्रॉपर्टी रेट्स ने गुरुग्राम जैसे बड़े शहर को भी पीछे छोड़ दिया है। जमीनों के कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी के चलते, आने वाले दिनों में रियल एस्टेट बाजार में और भी ज़्यादा तेजी आने की संभावना है।

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प्रवीण वालिया-करनाल, India News (इंडिया न्यूज), Property Prices In Karnal Are Skyrocketing : करनाल में पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि प्रॉपर्टी रेट्स ने गुरुग्राम जैसे बड़े शहर को भी पीछे छोड़ दिया है। जमीनों के कलेक्टर रेट में भारी बढ़ोतरी के चलते, आने वाले दिनों में रियल एस्टेट बाजार में और भी ज़्यादा तेजी आने की संभावना है।

काले धन और रियल एस्टेट माफिया का गठजोड़

विशेषज्ञों का मानना है कि करनाल में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने के पीछे एक संगठित नेटवर्क (नैक्सस) काम कर रहा है। इस नेटवर्क के तहत काले धन का बड़ी मात्रा में रियल एस्टेट में निवेश किया जा रहा है। इससे न केवल प्रॉपर्टी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, बल्कि आम आदमी का घर खरीदने का सपना भी दूर होता जा रहा है।

सिटी सेंटर में बिना औपचारिकताओं के तय कर दिए गए तीन लाख प्रति गज रेट

करनाल के सिटी सेंटर में एक रीसेल एस्टेट कंपनी द्वारा अब तक आवश्यक सरकारी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं। बावजूद इसके, प्रशासन ने यहां का कलेक्टर रेट तीन लाख रुपये प्रति गज तक पहुंचा दिया है। यह निर्णय कई सवाल खड़े करता है।

गरीबों के लिए घर बनाना हुआ और मुश्किल

करनाल में प्रॉपर्टी के दाम ₹50,000 से ₹3,00,000 प्रति गज तक पहुंच चुके हैं। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है, जिनके लिए घर खरीदना अब एक सपना बन गया है।

प्राइवेट कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक बनी सबसे बड़ी बाधा

रियल एस्टेट जानकारों का कहना है कि सरकार यदि प्राइवेट कॉलोनियों की रजिस्ट्री खोल दे तो काफी हद तक कीमतों में संतुलन आ सकता है। सरकार चाहे तो इसके बदले विकास शुल्क  वसूल सकती है। लेकिन मौजूदा नीतियां आम आदमी के हित में नहीं दिख रही हैं।

नीतियों से भूमाफिया को फायदा, आम आदमी को नुकसान

सरकार की मौजूदा प्लानिंग से भूमाफियाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। वहीं, गरीब व मध्यमवर्गीय लोग घर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ नौकरशाह व राजनेता भी इस खेल में शामिल हैं और पिछले दरवाजे से प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं।

पार्षद और अधिकारी भी सवालों के घेरे में

सूत्रों के अनुसार, करनाल के कुछ पार्षदों ने अफसरों का पैसा लगाकर जमीनें खरीदी हैं और यह सब बिना पारदर्शिता और नियमानुसार प्रक्रिया के किया गया है।

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