Gaziabad Shocking News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई है. जहां तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ आत्महत्या कर हर किसी को पूरी तरह के चौंका दिया है. तो वहीं, इस मामले ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया के खतरों पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसके साथ ही पुलिस की जांच में ‘कोरियन कल्चर’ और ’50 टास्क’ वाले एक संदिग्ध गेम का एंगल भी इस मामले में सामने निकलकर आ रहा है.
आखिर क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं, जहां दूसरी शादी अपनी साली के साथ की थी. लेकिन, घर में दो पत्नियां और पांच बच्चे एक साथ रहते थे. इसके अलावा जान देने वाली तीन बहनों में से दो दूसरी पत्नी की और एक पहली पत्नी की बेटी थी. हालांकि, सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है कि ये तीनों बहनें पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं. इतना ही नहीं, उनका जीवन घर की चार दीवारों और मोबाइल स्क्रीन तक की केवल सीमित रह गया था. घर में दो माताओं और कई भाई-बहनों की मौजूदगी के बावजूद, किसी को भनक नहीं लगी कि ये बच्चियां किस मानसिक दबाव से गुजर रही थीं.
‘कोरियन गेम’ ने खोले रहस्य
पुलिस को जांच के दौरान कोरियन गेम और 50 टास्क कई महत्वपूर्ण सुराग मिले. जिसको लेकर पुलिस को शक पैदा हुआ कि तीनों मृतिक बच्चियां किसी खतरनाक ऑनलाइन चैलेंज या गेम से जुड़ी थीं, जिसमें कुल 50 टास्क रोजाना दिए जाते थे. इतना ही नहीं, घटना वाले दिन इस गेम का ‘आखिरी टास्क’ था. फिलहाल, पुलिस की जांच में यह सामने आया कि बीच वाली बहन इस गेम की लीडर थी और बाकी दो उसके नियमों का पूरी तरह से पालन करती थी.
जांच में क्या कुछ आया सामने?
पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मोबाइल फोन जब्त कर लिए और फोरेंसिक टीम चैट, कॉल रिकॉर्ड और ऐप्स की जांच शुरू कर दी. तो वहीं, कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके पर सुसाइड नोट भी पड़ा मिला था, जिसमें साफ-साफ कोरियन कल्चर का जिक्र किया गया था, जो उनकी मानसिक स्थिति की तरफ पूरी तरह से इशारा करता है. इतना ही नहीं, परिवार ने हाल ही में उनके मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी, जो शायद उनके बीच और भी ज्यादा तनाव की असली वजह बन गई थी.
फिलहाल, यह पूरा मामला एक चेतावनी देते है कि जहां एक तरफ डिजिटल दुनिया इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है, तो वहीं, दूसरी तरफ इस दुनिया में अकेलापन और संदिग्ध ऑनलाइन कंटेंट आत्मघाती कदमों की तरफ किसी को भी धकेल सकता है.