भारती एयरटेल में करीब दो दशकों तक अपना खून-पसीना एक करने वाले एक पूर्व सेल्स एग्जीक्यूटिव ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, पीड़ित का दावा है कि 17 साल की लंबी और वफादार सेवा के बाद जब उसे नौकरी से निकाला गया, तो कंपनी ने उसे खाली हाथ विदा कर दिया, आरोप है कि उसे PF (प्रोविडेंट फंड), ग्रेच्युटी और अन्य कोई भी वित्तीय लाभ नहीं दिया गया, जो एक कर्मचारी का कानूनी अधिकार होता है, यह मामला अब सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट जवाबदेही और कर्मचारी अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस बन गया है, लोग पूछ रहे हैं कि अगर इतने बड़े ब्रांड के साथ काम करने वाले कर्मचारी का यह हाल है, तो छोटे संस्थानों में क्या होता होगा? पीड़ित के इन दावों ने एम्प्लॉई राइट्स पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.