Marriage Muhurats 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है. आमतौर पर खरमास खत्म होते ही शुभ काम शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार ग्रहों की चाल ने लोगों को थोड़ा और धैर्य रखने पर मजबूर कर दिया है. मकर संक्रांति के बाद भी शादियों के मुहूर्त नहीं बन पा रहे हैं, जिससे कई परिवार असमंजस में हैं कि आखिर शुभ कार्य कब से शुरू होंगे.
खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में रहते हैं और इस समय किसी भी मांगलिक कार्य को शुभ नहीं माना जाता. जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, यानी मकर संक्रांति के दिन तब खरमास समाप्त हो जाता है और शुभ कार्यों का रास्ता खुल जाता है.
मकर संक्रांति के बाद भी शुभ कार्य क्यों रुके हुए हैं?
इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी 2026 को थी. सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य अभी शुरू नहीं हो पा रहें हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है शुक्र ग्रह का अस्त होना.ज्योतिष के अनुसार, शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो गया था. शुक्र को प्रेम, विवाह, दांपत्य सुख और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है. जब शुक्र अस्त होता है, तब शादी जैसे संस्कारों से शुभ फल नहीं मिलता. इसी कारण खरमास खत्म होने के बाद भी विवाह मुहूर्त नहीं बन पा रहे हैं.
कब से शुरू होंगे विवाह और शुभ कार्य?
शुक्र ग्रह लगभग 53 दिनों तक अस्त रहता है और 1 फरवरी 2026 को उदय होगा, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी ग्रह के उदय के तीन दिन बाद उसका शुभ प्रभाव पूरी तरह से माना जाता है. इसलिए 4 फरवरी 2026 से विवाह, सगाई और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे.
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