BJP MLA Abused: मध्य प्रदेश के रीवा से मनगवां से बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति के साथ हाल ही में मंदिर परिसर में हुई दुर्व्यवहार की घटना ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर एक नए विवाद को जन्म दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. जानकारी के मुताबिक, यह घटना तब सामने आई जब एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सुरक्षाकर्मियों और विधायक के बीच तीखी बहस के अलावा धक्का-मुक्की भी देखने को मिली.
विवाद की क्या है मुख्य वजह?
यह घटना उस समय हुई जब बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे. तो वहीं, विवाद की शुरुआत गर्भगृह में प्रवेश या फिर वीआईपी दर्शन के नियमों को लेकर हुई. ऐसा बताया जा रहा है कि मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने या नियमों का हवाला देते हुए विधायक को रोकने की कोशिश की थी.
लेकिन, विधायक के समर्थकों ने मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि उन्हें धकेला भी गया. तो वहीं, दूसरी तरफ मंदिर प्रशासन का पक्ष है कि नियम सबके लिए समान हैं और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.
यहां देखें वायरल वीडियो
ये मनगंवा से बीजेपी विधायक नरेन्द्र प्रजापति हैं जन्मदिन मनाने एक गांव में थे,आरोप है शराब के नशे में 2 बदमाशों ने पहले विधायक को गालियां दी फिर कहा जनता के पैसों से गुलछर्रे उड़ाते हो,जनता की तो कोई परवाह ही नहीं जन्मदिन पर इतना खर्चा कर रहे हो,ये भी जनता की जेब से दोगे? pic.twitter.com/L3Ty5je2la
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) January 29, 2026
सम्मान और सुरक्षा के बीच की बहस
इस घटना ने एक बार फिर से ‘वीआईपी कल्चर बनाम मंदिर नियम’ की बहस को जिंदा कर दिया है. क्या जनप्रतिनिधियों को विशेष सुविधा मिलनी चाहिए या उन्हें आम भक्तों की तरह कतार में लगना चाहिए? इस सवाल ने सोशल मीडिया पर लोगों को दो गुटों में पूरी तरह से बांटने का काम किया है.
आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में जमकर आक्रोश देखने को मिल रहा है. तो वहीं, विधायक के सम्मान और सुरक्षा को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कई गंभीर सवला खड़े किए हैं. तो वहीं, पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए वीडियो फुटेज की जांच करने में जुटी हुई है. इसके साथ ही विधायक की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और दुर्व्यवहार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.