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तीसरी मंजिल से मदद के लिए हाथ जोड़ते रहे 9 लोग! फायर ब्रिगेड की ‘खराब लिफ्ट’ ने ली सबकी जान, पालम में मातम

दिल्ली के पालम में एक मकान में लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के 9 सदस्यों को निगल लिया, चश्मदीदों के अनुसार ये सभी लोग तीसरी मंजिल की खिड़की से मदद के लिए चिल्ला रहे थे, फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची और जब पहुंची तो उसकी हाइड्रोलिक लिफ्ट खराब निकली, जब तक दूसरी मदद पहुंची, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था.


Palam Fire Hydraulic Lift Failed: पालम अग्निकांड की यह कहानी केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की बड़ी नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है, आग लगने के बाद परिवार के 9 सदस्य तीसरी मंजिल पर फंस गए थे, स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लोग खिड़की से चिल्ला रहे थे और मदद मांग रहे थे, उन्हें आसानी से बचाया जा सकता था अगर फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट सही सलामत होती, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी की लिफ्ट ने ऐन वक्त पर जवाब दे दिया, दूसरी गाड़ी को आने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया, इस एक घंटे के लंबे इंतजार ने उन 9 लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग अंदर ही फंसकर रह गए और जब तक दमकल कर्मी ऊपर पहुंचे, सभी 9 लोग दम तोड़ चुके थे अब सवाल उठ रहा है कि दिल्ली जैसे शहर में आपातकालीन सेवाओं की मशीने खराब क्यों थीं? क्या उन 9 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?

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Palam Fire Hydraulic Lift Failed: पालम अग्निकांड की यह कहानी केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की बड़ी नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है, आग लगने के बाद परिवार के 9 सदस्य तीसरी मंजिल पर फंस गए थे, स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लोग खिड़की से चिल्ला रहे थे और मदद मांग रहे थे, उन्हें आसानी से बचाया जा सकता था अगर फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट सही सलामत होती, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी की लिफ्ट ने ऐन वक्त पर जवाब दे दिया, दूसरी गाड़ी को आने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया, इस एक घंटे के लंबे इंतजार ने उन 9 लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग अंदर ही फंसकर रह गए और जब तक दमकल कर्मी ऊपर पहुंचे, सभी 9 लोग दम तोड़ चुके थे अब सवाल उठ रहा है कि दिल्ली जैसे शहर में आपातकालीन सेवाओं की मशीने खराब क्यों थीं? क्या उन 9 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?

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