Petrol Diesel Price: भारत और अमेरिका के बीच हुई ईयू ट्रेड डील के तहत देश में कई चीजें सस्ती होने जा रही हैं. डील के मुताबिक भारत अब रूस से तेल की खरीदी नहीं करके अमेरिका से तेल खरीदेगा. हालांकि, रूस भारत को किफायती दर पर अब तक पेट्रोल और डीजल दे रहा था. लेकिन, अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई अब पेट्रोल और डीजल के दामों पर असर पड़ सकता है. हालांकि, देश में कुछ चीजें सस्ती होने की भी उम्मीद की जा रही है. जहां बजट और India EU ट्रेड डील के बाद कुछ लग्जरी और इलेक्ट्रिक कारों के सस्ती होने की बात की जा रही है वहीं, दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल के बढ़ने की खबर को परेशान कर रही है.
अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं? क्या वाकई अमेरिका के साथ हुई इस डील का असर तेल पर पड़ सकता है. चलिए जानते हैं क्या वाकई ऐसा हो सकता है.
क्या वाकई बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत अगर अमेरिका से तेल खरीदता है तो अब तक रूस से मिल रहा डिस्काउंट खत्म हो जाएगा. दरअसल, भारत अबतक रूस से एक अच्छे खासे डिस्काउंट पर कच्चे तेल खरीदी कर रहा था. अब इस ट्रेड डील के मुताबिक भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, जिससे तेल पर मिलने वाला भारी डिस्काउंट खत्म हो जाएगा. वहीं, माना जा रहा है कि तेल खरीदने पर अब अगर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी देना होगा तो तेल को भारत तक पहुंचाने की कीमत बढ़ सकती है. हालांकि, इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
कितना बढ़ सकता है पेट्रोल-डीजल का दाम?
कच्चे तेल की लैंडिग कॉस्ट को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़त हो सकती है. अगर कंपनियां अपनी लैंडिंग कॉस्ट को मैच करने के लिए ग्राहकों से वसूली करे तो निश्चिततौर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है. इससे कहीं न कहीं अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि किफायती दामों में तेल खरीदने से अबतक इकोनॉमी को काफी सहारा मिला था.
फिलहाल क्या है पेट्रोल-डीजल के दाम?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में फिलहाल पेट्रोल का दाम 94.77 रुपये लीटर चल रहा है. वहीं, बात करें अगर डीजल की तो यह आपको 87.67 रुपये प्रति लीटर देखने को मिल रहा है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों के हिसाब से कीमत में थोड़ा बदलाव हो सकता है.