Live
Search

 

Home > Posts tagged "raniganj assembly election"
Tag:

raniganj assembly election

More News

Home > Posts tagged "raniganj assembly election"

आधी आबादी की भागीदारी पुरुषों से अधिक, बिहार की इस सीट को 30 साल से है महिला विधायक का इंतजार, जानिए

Raniganj constituency: अररिया ज़िले के छह विधानसभा क्षेत्रों में रानीगंज एकमात्र आरक्षित सीट है. यहाँ पिछले तीस सालों से यहाँ एक भी महिला विधायक नहीं चुनी गई है. जबकि आँकड़े इस बात के गवाह हैं कि यहाँ महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज़्यादा रहा है.

Mobile Ads 1x1

Bihar Election 2025: अररिया ज़िले के छह विधानसभा क्षेत्रों में रानीगंज एकमात्र आरक्षित सीट है. रानीगंज विधानसभा क्षेत्र 1962 से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 1995 से यहाँ पुरुष ही आगे चल रहे हैं। पिछले तीस सालों से यहाँ एक भी महिला विधायक नहीं चुनी गई है. जबकि आँकड़े इस बात के गवाह हैं कि यहाँ महिलाओं का मतदान प्रतिशत ज़्यादा रहा है.

बोर्ड का CEO भी होगा मुस्लिम, Waqf कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कुछ प्रावधानों पर लगाई गई रोक

रानीगंज में अब तक 16 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. जिसमें सिर्फ़ 1990 और 1995 के चुनावों में ही महिला उम्मीदवार शांति देवी लगातार चुनाव जीतीं. दोनों ही बार वह बिहार सरकार में मंत्री भी रहीं.

रानीगंज विधानसभा में पहली महिला विधायक और मंत्री बनने का ख़िताब भी शांति देवी के नाम है. इसके बाद भी महिला उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आज़माई, लेकिन जनता ने किसी को स्वीकार नहीं किया. तब से लेकर अब तक पुरुष उम्मीदवार ही चुनाव जीतते आ रहे हैं.

उन्होंने जनता दल के टिकट पर जीत हासिल की थी

  • शांति देवी अनुसूचित जाति (पासवान) वर्ग से आती हैं और रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के हिंगुवा गाँव की निवासी हैं. 1990 में, उन्होंने जनता दल के टिकट पर रानीगंज विधानसभा से चुनाव जीता. अपनी शानदार जीत के कारण, उन्हें बिहार सरकार में मंत्री पद मिला.
  • अपनी लोकप्रियता के कारण, उन्होंने 1995 में दूसरी बार चक्र चिन्ह पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​इसके बाद, जनता दल का विभाजन हो गया और राजद और जदयू दो अलग-अलग पार्टियाँ बन गईं.
  • वर्ष 2000 में, राजद से पूर्व मंत्री यमुना प्रसाद राम जीते. भाजपा के रामजी दास ऋषिदेव दूसरे स्थान पर रहे. वर्ष 2005 में, भाजपा के परमानंद ऋषिदेव ने अशोक पासवान को हराया। शांति देवी तीसरे स्थान पर रहीं.
  • वर्ष 2005 में, जब बिहार में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, तो नौ महीने के भीतर फिर से चुनाव हुए. जिसमें भाजपा के रामजी दास ऋषिदेव जीते। शांति देवी दूसरे स्थान पर रहीं.

पासवान जाति ने सबसे ज़्यादा जीत हासिल की

रानीगंज में अब तक हुए 16 विधानसभा चुनावों में, पासवान जाति के उम्मीदवारों ने सबसे ज़्यादा, छह बार जीत हासिल की है. जबकि अनुसूचित जाति की मुसहर जाति पांच बार, मोची तीन बार, धोबी दो बार, लाला एक बार, धानुक जाति का एक उम्मीदवार रानीगंज से विधायक बनने में सफल रहा है.

अब तक चुने गए विधायक

  • 2020-अचमित ऋषिदेव, जदयू
  • 2015- अचमित ऋषिदेव, जेडीयू
  • 2010- परमानंद ऋषिदेव, भाजपा
  • 2005- रामजी दास ऋषिदेव, भाजपा
  • 2005- परमानंद ऋषिदेव- भाजपा
  • 2000-यमुना प्रसाद राम, राजद
  • 1995- शांति देवी, जनता दल
  • 1990-शांति देवी, जनता दल
  • 1985-यमुना प्रसाद राम, कांग्रेस
  • 1980 -यमुना प्रसाद राम, कांग्रेस
  • 1977- अधिक लाल पासवान, जनता पार्टी
  • 1972- बुंदेल पासवान- निर्दलीय
  • 1969- डूमर लाल बैठा, कांग्रेस
  • 1967- डूमर लाल बैठा, कांग्रेस
  • 1962 – गणेश लाल वर्मा, स्वतंत्र
  • 1957- राम नारायण मंडल, कांग्रेस

‘मुझे बेहोश, बस 16 साल की थी…’, TV की ये फेमस एक्ट्रेस हुई थी कास्टिंग काउच का शिकार, मां ने सिखाया था सबक!

MORE NEWS