Sim Card Corner Cut: आपने अक्सर अपने स्मार्टफोन में सिम डालते हुए ध्यान दिया होगा कि उसके सिम के साइड में थोड़ा सा कट लगा हुआ है. बहुत से लोगों को लगता है कि ये केवल एक डिजाइन है. हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है. ये एक पॉका योके सिद्धांत पर आधारित है, जो एक जापानी तकनीक है. इसकी मदद से सिम को गलत दिशा में डालने से बचा जा सकता है. इससे कार्ड और फोन का स्लॉट खराब होने से बचा जा सकता है. इसका उद्देश्य है कि आप जब भी सिम को बाहर निकालें, तो उसे हर बार सिम को सही ढंग से ओरिएंट या सेट कर सकें.
सिम कार्ड का साइड क्यों कटा होता है?
अगर सिम कार्ड रेक्टेंगल शेप में होता है, तो आप कंफ्यूज हो सकते हैं और सिम कार्ड को गलत या उल्टा डाल सकते हैं. इस कटे हुए किनारे के कारण सिम कार्ड एक सही दिशा में स्लॉट में फिट हो जाता है.
टेक्नोलॉजी के लिए सुरक्षित
सिम में आपने नोटिस किया होगा कि कुछ पार्ट गोल्डन कलर का होता है. ऐसे में अगर आप अपने सिम कार्ड को गलत दिशा में डालते हैं, तो ये चिप फेन के पिन या किसी हल्की नुकीली चीज से डैमेज हो सकता है. इसके कारण सही फिटिंग के लिए कॉर्नर कट होते हैं.
सिम कार्ड का इतिहास
बता दें कि दुनिया के पहले सिम कार्ड का आविष्कार 1991 में म्यूनिख-आधारित कंपनी, Giesecke & Devrient ने किया था. ये जापानी तकनीक पॉका योके के सिद्धांत पर आधारित है. इसे ETSI यानी यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान की तरफ से पूरी दुनिया के लिए मान्यता दी गई थी.
सभी सिम में एक जैसा कट
आज के समय में आप चाहे मिनी सिम का इस्तेमाल करते हों या माइक्रो या छोटा नैनो सिम. हर सिम कार्ड में एक जैसा ही कट होता है. सिम कार्ड में एक कोना कटा होना एक नियम है. इसकी मदद से यूजर्स बिना किसी परेशानी के सही जगह पर सिम लगा सकते हैं.