IAS Subodh Kumar Singh: सुबोध कुमार सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1997 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी हैं. वह वर्तमान में भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उनकी पहचान सबसे ज्यादा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक के रूप में हुई, जहां उनका कार्यकाल बड़े विवादों के साथ खत्म हुआ. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए.
क्या है नीट (NEET-UG) विवाद?
जानकारी के मुताबकि, सुबोध कुमार सिंह के कार्यकाल के दौरान NTA को अपने सबसे बड़े संकट का सामना करना पड़ा था. जहां, NEET-UG 2024 परीक्षा के परिणामों के बाद देशभर में हड़कंप मच गया जिसको लेकर नीट के छात्रों ने जमकर विवाद किया था. तो वहीं, एक ही सेंटर से कई छात्रों का 720 में से 720 अंक लाना और 67 छात्रों का टॉप रैंक हासिल करना संदेह के घेरे में आ गया था.
पेपर लीक के आरोप और मार्क्स का मुद्दा
इतना ही नहीं, बिहार और गुजरात जैसे प्रदेश में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग का Involvement देखने को मिला. इसके अलावा NTA ने ‘समय की बर्बादी’ के आधार पर 1500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए, जिसका कोई पूर्व उल्लेख नहीं पाया गया था. तो वहीं, दूसरी तरफ इन विवादों के बीच सुबोध कुमार सिंह ने अपने शुरुआती दौर में किसी भी अनियमितता से पूरी तरह से इनकार कर दिया था. लेकिन, बढ़ते जन आक्रोश और सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद, सरकार ने उन्हें जून 2024 में पद से हटाकर ‘अनिवार्य प्रतीक्षा’ (Compulsory Wait) पर डाल दिया.
वर्तमान भूमिका और प्रशासनिक करियर
तो वहीं, NTA से हटाए जाने के बाद, सुबोध कुमार सिंह को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में रिपोर्ट करने को कहा गया था. लेकिन, वर्तमान में, वे केंद्र में अतिरिक्त सचिव (Additional Secretary) के पद पर तैनात हैं. इसके साथ ही NTA प्रमुख बनने से पहले, उन्होंने उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं.