17
नई दिल्ली. हाल में टीम इंडिया को विश्व कप जिताने वाले भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में बताया कि वह टेस्ट और वनडे क्रिकेट में नियमित रूप से क्यों नहीं खेलते. उन्होंने साफ कहा कि उनकी शुरुआत भले ही रेड-बॉल क्रिकेट से हुई हो, लेकिन मौजूदा समय में उनका खेल टी20 फॉर्मेट में सबसे ज्यादा बेहतर बैठता है. इसलिए इंसान को जितना मिलता है उतना ही उसके लिए खास होता है.
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि इंसान को जिंदगी में वही मिलता है जो उसके लिए लिखा होता है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से की थी और करीब 10-12 साल तक रणजी ट्रॉफी खेली. उन्होंने बताया कि मुंबई में पले-बढ़े खिलाड़ियों के लिए आमतौर पर शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से ही होती है, इसलिए उनका पूरा शुरुआती सफर इसी फॉर्मेट के आसपास रहा. उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ जब व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने के मौके मिलने लगे तो उनका झुकाव भी धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ने लगा.
टी20 में हाथ सेट
इसके बाद उन्होंने टी20 क्रिकेट में कदम रखा. उन्होंने यह भी माना कि वनडे क्रिकेट में अच्छा करने की उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन उस फॉर्मेट में चीजें उनके मुताबिक नहीं चलीं. फिलहाल टी20 क्रिकेट में उनका खेल काफी अच्छे से बैठ गया है और इसी वजह से वह इस फॉर्मेट में खुद को सबसे ज्यादा सहज महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि टी20 में उनका हाथ सेट हो चुका है और यहीं उन्हें लगातार सफलता भी मिली है.
टी20 का अलग अंदाज
उन्होंने अलग-अलग फॉर्मेट के माहौल को लेकर भी अपनी राय रखी. उनका कहना था कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान टीम के साथ रहने का अनुभव बिल्कुल अलग था. उस टूर्नामेंट का माहौल, फाइनल तक पहुंचने का सफर और पूरे टूर्नामेंट की ऊर्जा, टी20 वर्ल्ड कप के अनुभव से काफी अलग थी. सूर्यकुमार के मुताबिक क्रिकेट के हर फॉर्मेट का अपना अलग आकर्षण है. उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट का भी अपना एक खास चार्म है, जबकि टी20 का रोमांच और अंदाज बिल्कुल अलग होता है.