International News: अमेरिका के साथ भारत के नए ट्रेड एग्रीमेंट से पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जहां आलोचकों का कहना है कि वाशिंगटन के साथ महीनों की हाई-प्रोफाइल बातचीत का कोई खास नतीजा नहीं निकला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति इस्लामाबाद की कोशिशों के बावजूद, जिसमें उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करना और बोर्ड ऑफ पीस में उनके शामिल होने का समर्थन करना शामिल था. पाकिस्तान पर भारत की तुलना में ज्यादा टैरिफ का बोझ झेलना पड़ा.
सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इंडिया गेट और इंडिया टुडे मैगज़ीन के कवर की तस्वीरें शेयर कीं. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ थे. फिर बताया कि भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा, जो पाकिस्तान की दर से एक प्रतिशत कम है.
लोगों ने जताई हैरानी
सीमा पार भी इन बातों पर ध्यान गया है. पाकिस्तान में कई लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई कि भारत बिना ट्रंप के प्रति ज़्यादा झुकाव दिखाए एक बेहतर डील हासिल करने में कामयाब रहा. एक वायरल पोस्ट में मौजूदा गुस्सा और व्यंग्य साफ दिखा. पाकिस्तान के X यूज़र उमर अली ने लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप ने फील्ड मार्शल के साथ उस मालकिन जैसा बर्ताव किया है जो अपने प्रेमी से सारे गैर-कानूनी और गंदे काम करवाती है. जब कुछ देने या लेने का समय आता है, तो वह कहती है कि मैं अपने परिवार के फैसले मानने के लिए मजबूर हूं. मुझे भूल जाओ. मेरा शरीर मेरे पति का रहेगा लेकिन मेरी आत्मा हमेशा तुम्हारी रहेगी.
पाकिस्तान होने लगा ट्रोल
इसके साथ ही एक AI-जेनरेटेड तस्वीर थी, जिसमें परेशान फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इंडिया टुडे के कवर के सामने एक डिब्बा पकड़े हुए थे, जिस पर पीएम मोदी और ट्रंप की तस्वीर थी. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के पूर्व मंत्री हम्माद अजहर ने इस नतीजे को हालात के बजाय रणनीति की नाकामी बताया. उन्होंने X पर लिखा कि 21वीं सदी में विदेश नीति दिखावे या निजी रिश्तों के बारे में नहीं है. यह आर्थिक ताकत, टैरिफ और मार्केट एक्सेस का फायदा उठाने के बारे में है. भारत की EU और US के साथ हाल की ट्रेड डील इस बात को साबित करती हैं कि चापलूसी और फोटो खिंचवाना बेकार है.
पाकिस्तान में टैरिफ पर मजाक
पाकिस्तानी विपक्ष ने भारत-पाक के इस अंतर को मुद्दा बनाया है. PTI नेताओं का तर्क है कि भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता की स्थिति से बातचीत की. जबकि, पाकिस्तान का नेतृत्व पूरी तरह से निजी जुड़ाव पर निर्भर रहा और उसे कम फायदेमंद नतीजा मिला. पत्रकार असद तूर ने चेतावनी दी कि टैरिफ का यह फैसला पाकिस्तान की व्यापक आर्थिक परेशानियों को और बढ़ाएगा उन्होंने गिरते एक्सपोर्ट, कम होते विदेशी निवेश और देश की मोलभाव करने की शक्ति में लगभग पूरी तरह से कमी आने की बात कही. पत्रकार इमरान रियाज खान ने भी लॉबिंग की आलोचना करते हुए कहा कि ‘सेल्समैन-इन-चीफ’ की रणनीति फेल हो गई है. आप बलूचिस्तान के खनिज लकड़ी के बक्सों में दे सकते हैं लेकिन आप इज्जत नहीं खरीद सकते.