सोनू सूद (Sonu Sood) ने शराब और दूध की बिक्री के बहाने समाज की उन तमाम गलत आदतों पर प्रहार किया है जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, उनकी यह बात कि "शराब वाले को बुलाना नहीं पड़ता, पर दूध वाले को घर-घर जाना पड़ता है," केवल एक तुलना नहीं बल्कि हमारी गिरती हुई प्राथमिकताओं का कच्चा चिट्ठा है, सोनू सूद ने इस वीडियो के जरिए इंसान को अपनी सोच सुधारने की सख्त नसीहत दी है, उनकी यह बात सोचने पर मजबूर कर देती है कि हम विनाशकारी चीजों के पीछे तो खुद भागते हैं, लेकिन जो जीवन रक्षक है, उसे नजरअंदाज कर देते हैं यह कटाक्ष हमारी सेहत, मानसिकता और समाज के दोहरे चरित्र पर एक साथ हमला करता है, जिसे सोशल मीडिया पर 'कलयुग का कड़वा सच' बताया जा रहा है.