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Vivah Panchami 2025: विवाह पंचमी कब है 25 या 26 नवंबर? करें ये खास उपाय मिलेगी विवाह, प्रेम और करियर में सफलता!

Vivah Panchami 2025: हर साल मार्गशीर्ष महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पवित्र त्योहार मनाया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन प्रभु श्री राम और माता सीता से विवाह हुआ था.

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Vivah Panchami 2025 Date: हिंदू धर्म में हर साल मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पवित्र त्योहार मनाया जाता है.लोग विवाह पंचमी को दिन बहुत पवित्र मानतें  हैं.  माना जाता है कि इसी तिथि को त्रेता युग में जनकपुरी में स्वयंवर के दौरान भगवान श्री राम ने भगवान शिव का धनुष तोड़ा था और माता सीता से विवाह किया था. इसलिए इस दिन को दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. विवाह पंचमी कल, 25 नवंबर, 2025 को मनाई जाएगी. कुंवारी लड़कियां इस दिन खास उपाय करके शादी से जुड़ी रुकावटों को दूर कर सकती हैं.

शुभ समय(Vivah Panchami 2025 Subh Muhurat)

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:04 AM से 5:58 AM तक
  • सुबह शाम 5:31 AM से 6:52 AM तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:47 AM से 12:29 PM तक
  • विजय मुहूर्त दोपहर 1:53 PM से 2:36 PM तक
  • गोधुली मुहूर्त शाम 5:22 PM से 5:49 PM तक

शाम 5:24 PM से 6:45 PM तक

  • अमृत काल शाम 5:00 PM से 6:45 PM तक
  • निशिता मुहूर्त रात 11:42 PM से 12:35 AM, 26 नवंबर तक
  • रवि योग रात 11:57 PM से 6:53 AM, 26 नवंबर तक

विवाह पंचमी 2025 पंचमी तिथि (Vivah Panchami 2025 Date)

पंचमी तिथि 24 नवंबर को रात 9:22 बजे शुरू होगी. तिथि 25 नवंबर को रात 10:56 बजे खत्म होगी. उदय तिथि के अनुसार, विवाह पंचमी 25 नवंबर को मनाना सही रहेगा.

विवाह पंचमी पूजा विधि

  • सुबह नहाने के बाद, साफ पीले या लाल कपड़े पहनें.
  • पूजा की जगह पर भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान की मूर्ति या तस्वीर रखें.
  • दीप जलाएं, संकल्प लें और “सीता राम” नाम का जाप करें.
  • अगर चाहें, तो रामचरितमानस या किसी भी आसान पाठ से विवाह प्रसंग का पाठ कर सकते हैं.
  • प्रसाद के तौर पर पीले फूल, गुड़ या मिठाई चढ़ाएं.

    विवाह पंचमी पर करें ये उपाय

  • “सीता राम” का जाप करें
  • सुबह नहाने के बाद, एक दीपक जलाएं और 108 बार “सीता राम” नाम का जाप करें. इससे रिश्तों में मिठास आती है और शादी की संभावनाएं
  • मजबूत होती हैं.
  • पीले या केसरिया फूल चढ़ाएं
  • इस दिन भगवान राम और सीता को पीले या केसरिया फूल चढ़ाने से सौभाग्य और शांति मिलती है. इससे मानसिक चिंता भी कम होती है.
  • तुलसी के पौधे के पास दीया जलाएं
  • शाम को तुलसी के पौधे के पास दीया जलाएं. माना जाता है कि ऐसा करने से शादीशुदा ज़िंदगी में शांति, प्यार और मिठास बढ़ती है.

सुहाग सामग्री का दान
अगर शादी में देरी हो रही है, तो किसी जरूरतमंद महिला को चूड़ी, बिंदी, सिंदूर या लाल कपड़ा दान करें. माना जाता है कि इससे शादी में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं.

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