V2V Technology: क्या सच में भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम कर सकती हैं? एक्सिडेंट के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे, इसके लिए V2V कैसे कारगर.
V2V Technology
V2V Technology: भारत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में दुनिया में टॉप पर है. इसके सरकारी आंकड़ों कहते हैं कि, हर साल यहां लाखों जिंदगीयां तबाह होती है, जिनमें जान-माल का भारी नुकसान होता है.चीन और अमेरिका जैसे देशों से भी ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। अब इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार ‘बोलने वाली कारों’ यानी वाहन-से-वाहन (Vehicle-to-Vehicle – V2V) संचार तकनीक को शुरू करने की योजना बना रही है. लेकन क्या यह संभव हो पाएगा. बोलने वाली कारों से सड़क दुर्घनाओं पर लगाम लग पाएगा, आइए जानते हैं.
V2V तकनीक यानी व्हीकल-टू-व्हीकल तकनी कएक स्मार्ट टेक्नोलॉजी है, जिसके अंतर्गत कम्युनिकेशन सिस्टम को अलर्ट मोड पर रखा जाता है. इसमें वाहन वायरलेस सिग्नल के जरिए एक-दूसरे से जानकारी साझा करते हैं. ताकी दुर्घटना को कम किया जा सके. यह रियल टाइम में एक-दूसरे को अलर्ट भेजते हैं.
V2V तकनीक में गाड़ियों में एक छोटा सा डिवाइस लगाया जाएगा. यह डिवाइस एक सीम कार्ड की तरह होगा. इसमें जो गाड़ियां रोड पर चल रही है, या सड़क किनारे खड़ी हैं, उनको आपस में सिग्नल भेजेंगी. इसमें जैसे ही दो गाड़ियां एक दूसरे के करीब जाती है या टकराने का खतरा बनता है, तो यह सि्स्टम ड्राइवर को तुरंत अलर्ट कर देता है.
परिवहन मंत्रालय के अनुसार यह V2V तकनीक सुविधा साल के अंत तक स्टार्ट हो सकती है. इसको लेकर सरकार का कहना है कि पहले इस डिवाइस को नई गाड़ियों में लगाया जाएगा और उसके बाद इसे पुरानी गा़ड़ियों में भी लागया जाएगा. V2V टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट में सरकार करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च कर सकती है.
IND vs NZ 5th T20: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज…
AAP MLA resigns: पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पटियाला जिले…
Bhopal car theft: भोपाल के जेके रोड स्थित फॉक्सवैगन शोरूम से करीब 23 लाख रुपये…
Ishan Kishan: पांचवें T20I में, इशान किशन ने 32 गेंदों पर 61 रनों की पारी…
UP Extra Marital Affair Case: पति ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से…
Caught In CCTV: आगरा के सुल्तानपुरा बाजार में नकाबपोश महिला ने सचिन ज्वैलर्स से महज…