चीन में Hidden Car Door Handles पर बैन लगने के बाद अब कार में टचस्क्रीन सिस्टम को लेकर भी सरकार सख्ती बरत रही है. चीन में शाओमी SU7 इलेक्ट्रिक सेडान कार का एक्सीडेंट होने के बाद कार में आग लग गई थी, जिसके बाद से चीन में कारों की सेफ्टी में बाधा बनने वाली चीजों पर काफी सख्ती पेश की जा रही है. चीन सरकार ने कारों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पेश किया है.
अब कारों में टचस्क्रीन की जगह पर फीजिकल बटन को अनिवार्य किया जा सकता है. गियर सेलेक्शन और इमरजेंसी कॉल जैसे जरूरी फंक्शन को भी अब कार में अनिवार्य किया जा सकता है. चीन में टचस्क्रीन को लेकर अब कई बदलाव देखे जा सकते हैं.
चीन में बदले जा सकते हैं कई नियम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन सरकार द्वारा Hidden Car Door Handles के बाद अब कार में चल रहे टचस्क्रीन के ट्रेंड को पूरी तरह से बदला जा सकता है. चीन सरकार द्वारा रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक अब कार में हैजर्ड लाइट, गियर बदलने का ऑप्शन, इमरजेंसी कॉल के साथ-साथ टर्न सिग्नल आदि जैसे फंक्शन्स के लिए कम से कम 10×10 मिमी के साइज के अलग फीजिकल बटन होने जरूरी होंगे. अब कार निर्माता कंपनियों की लागत पर भी असर पड़ सकता है.
टचस्क्रीन से भटकता है ड्राइवर का ध्यान
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल के जानकारों की मानें तो कार में टचस्क्रीन सिस्टम होने से ड्राइवर का ध्यान सड़क से डायवर्ट होकर टचस्क्रीन पर भटकता है. इससे हाइवे पर रफ्तार में कार चलाने के बाद कई बार उसे रोकना या उसपर काबू पाना मुश्किल हो जाता है. यह एक्सीडेंट होने का एक बड़ा कारण माना जाता है. चीन सरकार सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है.
सेल्फ-ड्राइविंग कारों पर भी होगी सख्ती
सरकार द्वारा सेल्फ-ड्राइविंग कारों पर भी शिकंजा कसते हुए कुछ नियमों में बदलाव किए जा सकते हैं. ऐसे में कार निर्माता कंपनियों को यह दिखाना होगा कि जोखिम भरे समय में भी सेल्फ-ड्राइविंग कारें स्थिति को संभालने में सक्षम हैं. इसके साथ ही लेवल 3 और लेवल 4 पर भी कुछ सख्त नियम बनाए जा सकते हैं.