How to identify fake or real Email: आजकल धोखा-धड़ी और फ्रॉड इतना बढ़ गया है कि लोग साबर ठगी के शिकार हो रहे हैं. आमतौर पर लोग जानते हैं कि मोबाइल नंबर पर लिंक या मेसेज आने के बाद उसे क्लिक करने पर बैंक अकाउंट से पैसे कट जाते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं आजकल ईमेल के जरिए भी काफी फ्रॉड हो रहे हैं. हैकर्स आजकल फेक ईमेल के जरिए भी बैंक अकाउंट से पैसे साफ कर दे रहे हैं.
इसलिए आपके लिए यह जान लेना बेहद जरूरी है कि कौन सा ई-मेल नकली है और कौन सा ईमेल प्रोफेश्नल और असली है. थोड़ा सतर्क रहकर आप धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकते हैं. चलिए जानते हैं फेक और असली ईमेल की पहचान कैसे कर सकते हैं.
कैसे पहचानें फेक ईमेल
नकली और फेक ईमेल को पहचानना काफी आसान है. इसके लिए आपको आने वाले ईमेल का पूरा एड्रेस देखना है. ज्यदातर मामलों में असली और नकली ईमेल में कुछ बदलाव होते हैं. अगर आप को flipkart.com से ईमेल न आकर flipkar2t.com से मेल आया है तो ऐसे में यह एक फ्रॉड ईमेल का संकेत हो सकता है. अगर ईमेल किसी और व्यक्ति के नाम से आया हो और नाम किसी कंपनी का हो या किसी दूसरे व्यक्ति का तो ईमेल नकली है.
ऐसे करें नकली ईमेल की पहचान
अगर आप ईमेल खोल रहे हैं और किसी अटैचमेंट या पीडीएफ को खोल रहे हैं और वह पीडीएफ आपको किसी अन्य पेज पर रीडायरेक्ट कर रही है तो ऐसे में यह किसी संदिग्ध ईमेल हो सकता है. आमतौर पर नकली ईमेल में किसी भी काम को जल्दी करने के लिए फोर्स किया जाता है. इसलिए इससे सतर्क रहें. अगर ईमेल में आपके किसी पर्सनल डॉक्यूमेंट या पासवर्ड और ओटीपी की डिमांड की जाती है तो ऐसे में यह एक फर्जी ईमेल हो सकता है. असली ईमेल पहचानने के लिए आप HTTPS और URL पर जाकर भी ईमेल चेक कर सकते हैं.
ईमेल स्पूफिंग क्या है?
ईमेल स्पूफिंग आमतौर पर फ्रॉड करने का एक फर्जी तरीका है. इसके तहत साइबर अपराधी किसी फेमस या भरोसेमंद कंपनी के नाम पर अंजान लोगों को ईमेल करते हैं ताकि लोग आसानी से उसपर भरोसा कर लें. ईमेल मिलने वाले लोगों को लगता है कि यह ईमेल बिलकुल असली है और वे कई बार साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं.