Inverter vs Non-Inverter AC: AC यानि एयर कंडीशनर लोगों की शौक नहीं बल्कि जरूरत बन गया है. पहले के समय में AC लगाने को शौक माना जाता था, लेकिन अब इतनी भीषण गर्म पड़ने के बाद यह एक ऐसी जरूरत बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. गर्मियों के मौसम में आमतौर पर लोग AC लगवाते हैं. लेकिन, देखा जाए तो ऐसी लगवाने से ज्यादा मुश्किल बाद में बिजली का बिल जमा करना हो जाता है. धीरे-धीरे ऐसी आपकी जेब पर भारी पड़ने लगती है.
आमतौर पर मार्केट में दो तरह के ऐसी आते हैं Inverter vs Non-Inverter AC, लेकिन क्या इनमें से कोई ऐसी ऐसा है जो आपके बिजली के बिल में कटौती कर सके. चलिए जानते हैं बिजली बचाने के लिए दोनों में से कौन सा AC ज्यादा किफायती रहता है.
Inverter vs Non-Inverter AC क्या है अंतर
देखा जाए तो Inverter AC में कंप्रेसर की स्पीड एक जैसी नहीं रहकर टेंपरेटर के हिसाब से बदलती रहती है, जिससे कंप्रेसर पर ज्यादा भार नहीं पड़ता है और कमरे का तापमान बहुत ठंडा नहीं होकर सामान्य रहता है. वहीं, बात करें अगर Non-Inverter AC की तो इसमें कंप्रेसर एक ही स्पीड में चलता रहता है और थोड़ी-थोड़ी देर में कूलिंग को कुछ समय के लिए बंद कर देता है. इससे आपकी एनर्जी एफिशिएंसी ज्यादा लगती है. इससे एक टेंपरेचर सेट किया जाता है, जो कंप्रेसर के साथ चलता रहता है न कि टेंपरेचर कसे साथ एडजस्ट होता है.
बिजली की बचत में कौन मददगार
देखा जाए तो बिजली की बचत के लिए इनवर्टर AC फायदेमंद रहता है. अगर बिजली बचाने की बात आती है तो ऐसे में माना जाता है कि इनवर्टर AC नॉन इनवर्टर AC की तुलना में 30 से 50% बिजली की बचत कर सकता है. इसलिए अगर आप ऐसी लेने की सोच रहे हैं तो कुछ पैसे बचाने के चक्कर में नॉन इनवर्टर AC लेने के बजाय इनवर्टर AC लेने पर जोर दें.
कौन सा AC महंगा?
इनवर्टर AC की तुलना में नॉन इनवर्टर AC थोड़े सस्ते होते हैं, जिसके चलते कुछ लोग इसे घर ले आते हैं. इनवर्टर AC में PCB दिया जाता है, जो कंप्रेसर को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल होता है. जबकि, नॉन इनवर्टर AC में यह नहीं होता है इससे इनवर्टर AC थोड़ा महंगा आता है.