Tata Sierra vs Hyundai Creta: टाटा मोटर्स ने आइकॉनिक सिएरा नेमप्लेट को फिर से जिंदा करके पुरानी यादों को ताजा करके 1990 के दशक की लेजेंडरी SUV का एक मॉडर्न अवतार पेश किया. यह लेटेस्ट मॉडल शानदार कंटेम्पररी डिज़ाइन को एक प्रीमियम टेक-पैक केबिन के साथ मिलाता है. यह आज के कॉम्पिटिटिव सेगमेंट में एक ज़बरदस्त चैलेंजर के तौर पर सामने आती है. अपनी बोल्ड प्रेजेंस और एडवांस्ड फीचर्स के साथ नई टाटा सिएरा SUV अपने पुराने राइवल्स पर भारी पड़ने वाली है. खासकर हुंडई क्रेटा पर जिसके दबदबे को अब एक गंभीर खतरा है.
टाटा सिएरा बनाम हुंडई क्रेटा: डिज़ाइन
टाटा सिएरा ने पिछले मॉडल से प्रेरित बॉक्सी सिल्हूट को अपनाया है. इसे मॉडर्न स्टाइलिंग एलिमेंट्स के साथ बेहतर बनाया गया है. ग्लॉस-ब्लैक पैनल LED हेडलाइट्स, DRLs, ब्रांड लोगो और “सिएरा” लेटरिंग को जोड़ते हैं, जो स्किड प्लेट और फॉग लैंप से पूरे होते हैं. साइड प्रोफाइल में फ्लश डोर हैंडल और B और C पिलर के बीच एक खास ग्लास सेक्शन है, जो ओरिजिनल सिएरा की याद दिलाता है. 19-इंच अलॉय व्हील्स और क्लैडेड आर्च पर चलने वाली इस SUV के पिछले हिस्से में एक स्लीक LED लाइट बार है जो टेल लैंप के साथ आसानी से मिल जाता है.
वहीं, हुंडई क्रेटा में होराइजन LED लाइट बार, क्रोम एक्सेंट और टू-टोन फिनिश हैं जो सेगमेंट में इसकी प्रीमियम अपील को बढ़ाते हैं. इसकी ओवरऑल मटीरियल क्वालिटी ज़्यादा रिफाइंड और पॉलिश्ड लगती है, जबकि टाटा सिएरा बोल्ड कैरेक्टर और स्टेटमेंट पर ज़्यादा ध्यान देती है. पीछे की तरफ क्रेटा का एंगुलर डिज़ाइन शार्प किनारों, एक शानदार स्प्लिट टेललाइट क्लस्टर और एग्रेसिव स्टाइलिंग के साथ अलग दिखता है जो सामने के हिस्से जैसा ही है. इसके स्पोर्टी लुक को एक प्रमुख रूफ स्पॉइलर और सिल्वर-फिनिश स्किड प्लेट और भी बेहतर बनाते हैं.
दोनों में इंजन
सिएरा और क्रेटा अपने 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन सिर्फ़ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ देती हैं. सिएरा में टॉर्क-कन्वर्टर गियरबॉक्स मिलता है और क्रेटा में 7-स्पीड DCT है. हालांकि दोनों टर्बो-पेट्रोल 160hp पावर देते हैं लेकिन सिएरा का इंजन 2Nm ज़्यादा टॉर्क बनाता है, जो एक बहुत छोटा सा अंतर है. इसका ड्राइविंग करते समय पता नहीं चलेगा. लेकिन, जब डीजल इंजन की बात आती है, तो सिएरा साफ तौर पर आगे है, जो चुने गए ट्रांसमिशन ऑप्शन के आधार पर क्रेटा से 2hp और 10-30Nm ज़्यादा पावर देती है. इसके अलावा टॉप-स्पेक क्रेटा किंग में नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन भी मिलता है. इसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक (CVT) गियरबॉक्स दोनों ऑप्शन हैं. ऐसा इंजन सिर्फ़ सिएरा के निचले वेरिएंट में ही मिलता है.
फीचर्स और इंटीरियर्स
सिएरा एकमात्र मिडसाइज़ SUV है जिसमें 12.3-इंच की पैसेंजर स्क्रीन मिलती है. इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम भी क्रेटा के 10.25-इंच यूनिट से बड़ा है लेकिन ड्राइवर का डिस्प्ले उसी साइज़ का है. दोनों मॉडल वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करते हैं. लेकिन क्रेटा में यह वायर्ड-टू-वायरलेस एडॉप्टर के ज़रिए इनेबल होता है, जिसे हुंडई कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेसरी के तौर पर देती है. सिएरा में कस्टमाइज़ेबल एम्बिएंट लाइटिंग भी मिलती है और इसके साउंड सिस्टम में बेहतरीन है.
जबकि दूसरे फ़ीचर्स ज़्यादातर समान ही है. क्रेटा में ड्राइवर की सीट के लिए ज़्यादा एडजस्टमेंट सेटिंग्स और 8-वे पावर्ड को-ड्राइवर सीट मिलती है, जो बाद वाला सिएरा में बिल्कुल नहीं है. दोनों में फ्रंट पैसेंजर सीट के लिए बॉस मोड मिलता है लेकिन क्रेटा में यह पावर्ड है और सिएरा में लीवर के ज़रिए मैन्युअल रूप से ऑपरेट होता है. सिर्फ़ यही नहीं, क्रेटा में पीछे की सीट पर बैठे पैसेंजर्स के लिए वायरलेस फोन चार्जर भी है, जो सिएरा में नहीं है.
सेफ्टी फीचर्स समान
दोनों मिड-साइज़ SUV के सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो स्टैंडर्ड तौर पर 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, लेवल 2 ADAS और टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) शामिल हैं. हालांकि, क्रेटा एक कदम आगे बढ़कर एक डैशकैम भी देती है जो गाड़ी के आगे और पीछे दोनों तरफ नज़र रखता है.
नोट – यह लेख विभिन्न स्त्रोतों से लिया गया है, जिसका मकसद सिर्फ जानकारी देना है. किसी भी सलाह के लिए इंडिया न्यूज जिम्मेदार नहीं है कृपया एक्सपर्ट की राय लें.