UPI New Rules 2026: अगर आप Google Pay, PhonePe, या Paytm से रोज़ाना ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है.
upi पेमेंट का नियम बदल गया है?
UPI New Rules 2026: अगर आप Google Pay, PhonePe, या Paytm से रोज़ाना ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा फ़ैसला लिया है. 28 फरवरी 2026 से ज्यादातर मार्केट में UPI Collect फ़ीचर बंद कर दिया गया है.
इसका मतलब है कि जो यूज़र पहले अपनी UPI ID या मोबाइल नंबर मैन्युअली टाइप करके पेमेंट करते थे, वे अब कई प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसा नहीं कर पाएँगे. इस बदलाव का मकसद ऑनलाइन फ्रॉड को कम करना और पेमेंट सिस्टम को और ज़्यादा सुरक्षित बनाना है.
अभी तक जब कोई यूज़र किसी वेबसाइट या ऐप पर शॉपिंग करता था तो वह अपनी UPI ID, जैसे abc@okaxis या अपना मोबाइल नंबर डालकर पेमेंट शुरू कर सकता था. इसके बाद उसके UPI ऐप, जैसे Google Pay या PhonePe पर एक नोटिफ़िकेशन आता था. जैसे ही यूज़र रिक्वेस्ट स्वीकार करता और अपना UPI PIN डालकर पेमेंट तुरंत प्रोसेस हो जाता था. इस प्रोसेस को पुल ट्रांज़ैक्शन कहते हैं, जिसमें कोई दूसरा व्यक्ति या प्लेटफ़ॉर्म पेमेंट रिक्वेस्ट भेजता है.
NPCI के मुताबिक, ऑनलाइन स्कैमर इस फ़ीचर का फ़ायदा उठा रहे थे. कई धोखेबाज नकली कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते थे और लोगों को पैसे मिलने का लालच देते थे. अनजान यूज़र बिना समझे रिक्वेस्ट मान लेते थे और जैसे ही वे अपना PIN डालते उनके अकाउंट से पैसे कट जाते थे. इसीलिए P2P (पर्सन-टू-पर्सन) कलेक्ट रिक्वेस्ट बंद की जा रही हैं या उन्हें लिमिट किया जा रहा है. ज्यादातर ट्रांज़ेक्शन अब पुश मोड में होंगे, जिसका मतलब है कि भेजने वाला खुद ट्रांज़ेक्शन शुरू करेगा.
पुराना तरीका बंद होने का मतलब यह नहीं है कि ऑनलाइन पेमेंट बंद हो जाएंगे. NPCI ने इसके लिए दो नए और सुरक्षित ऑप्शन प्रमोट किए हैं.
1. QR कोड स्कैन: अब, वेब या डेस्कटॉप से पेमेंट करते समय आपको एक QR कोड स्कैन करना होगा. इसे सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है क्योंकि इससे गलती या धोखाधड़ी का चांस कम हो जाता है.
2. UPI इंटेंट सिस्टम: मोबाइल ऐप से पेमेंट करते समय अब आपको सीधे UPI ऐप का आइकन दिखेगा. इस पर क्लिक करने से आप सीधे अपने पसंदीदा ऐप के पेमेंट पेज पर पहुंच जाएंगे. जहां आप बस अपना UPI पिन डालकर पेमेंट पूरा कर सकते हैं. हालांकि, कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर बड़े और वेरिफाइड मर्चेंट के लिए लिमिटेड कैपेसिटी में उपलब्ध होगा.
इस बदलाव से शुरू में पेमेंट प्रोसेस थोड़ा अलग लग सकता है. लेकिन इससे सिक्योरिटी में काफी सुधार होगा. NPCI डेटा के मुताबिक, UPI फ्रॉड के 70% से ज़्यादा मामले कलेक्ट रिक्वेस्ट से जुड़े थे. 28 फरवरी, 2026 से सिस्टम की सबसे बड़ी वल्नरेबिलिटी बंद हो गई है, जिससे डिजिटल पेमेंट पहले से कहीं ज़्यादा सिक्योर हो गए हैं.
पिछले कुछ सालों में भारत में UPI पेमेंट का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है. छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक हर जगह मोबाइल पेमेंट हो रहे हैं. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि डिजिटल पेमेंट करते समय हमेशा ध्यान रखें कि आप किसे पैसे भेज रहे हैं और किसी भी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से बचें.
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