What is E20 Fuel: भारत में E20 पेट्रोल पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है. E20 यानि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला होना. दरअसल, एथेनॉल एक प्रकार का बायोफ्यूल है, जिसे मक्के और गन्ने जैसी फसलों से तैयार किया जाता है. केंद्र सरकार द्वारा तेस कंपनियों को आदेश दिए गए हैं कि वे एक अप्रैल 2026 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 95 RON वाला एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल बेचें. इससे किसानों को भी फायदा पहुंचेगा. एक अप्रैल से इस फैसले को देश के सभी राज्यों में लागू किए जाने की बात कही जा रही है.
सवाल यह उठता है कि आखिर E20 पेट्रोल आपकी कार या वाहनों के लिए कितना सुरक्षित और फायदेमंद रहने वाला है. बहुत से लोग अभी E20 पेट्रोल के बारे में नहीं जानते कि यह फ्यूल आखर है क्या और गाड़ियों के लिए किस तरह से काम करता है. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल एक प्रकार का ईंधन यानि फ्यूल है, जिसे गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता है. इस फ्यूल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. वहीं, इसमें 80 फीसदी सामान्य पेट्रोल (Petrol Prices Hike) की मात्रा होती है. यह बायोफ्यूल किसानों द्वारा गन्ने और मक्के की फसलों से तैयार किया जाता है. माना जाता है कि वाहनों में इसका इस्तेमाल करने से प्रदूषण कम होता है. सरकार भी देश में इस फ्यूल को इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है. माना जा रहा है कि 2014-15 से अब तक एथेनॉल मिश्रण की वजह से देश ने लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये बचाए जा चुके हैं. इसे बाहर से इंपोर्ट नहीं करना पड़ा.
क्या E20 पेट्रोल गाड़ियों के लिए फायदेमंद है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक E20 पेट्रोल गाड़ियों के लिए कई तरीकों से फायदेमंद भी माना जाता है. इस फ्यूल को इस्तेमाल करने से इंजन में कार्बन की मात्रा कम होती है साथ ही इसमें गंदगी नहीं जमती है. वहीं, यह फ्यूल की एक्सेलेरेशन के लिए भी बेहतर माना जाता है, जिससे आपकी ड्राइविंग एक्सपीरिएंस में सुधार होता है. इसके साथ ही साथ यह रेगुलर पेट्रोल के मुकाबले सस्ता भी पड़ता है. दरअसल, इसके एथेनॉल देश में ही बनता है, जिससे हमें विदेशों से ज्यादा फ्यूल इंपोर् नहीं करना पड़ता है इसलिए यह सस्ता पड़ता है.
E20 पेट्रोल के नुकसान
E20 पेट्रोल कुछ मायनों में आपकी कार के लिए नुकसानदायक भी हो सकत है. मीडिया रिपोरट्स के मुताबिक इस फ्यूल को इस्तेमाल करने से इंजन डैमेज होने या इंजन का तापमान बढ़ने जैसी समस्या हो सकती है. साथ ही साथ यह फ्यूल आपकी मेंनटेनेंस कॉस्ट भी बढ़ा सकता है. इसके साथ ही सबसे बड़ा असर आपके वाहन की माइलेज पर पड़ सकता है. इसे इस्तेमाल करने से माइलेज कम हो सकती है.